ग्वालियर। प्रदेश की नगरीय विकास और आवास मंत्री माया सिंह का नाम ग्वालियर जिले की दो विधानसभाओं ग्वालियर ग्रामीण और ग्वालियर पूर्व की मतदाता सूची में दर्ज है। ये बात कांग्रेस नेता मुन्नालाल गोयल की शिकायत पर हुई जांच के बाद प्रमाणित हुई है। बड़ी बात ये है कि ये नाम 2006 से ही दोनों ही विधानसभाओं में दर्ज है। इस दौरान ना तो मंत्री माया सिंह ने और ना ही डोर टू डोर सर्वे करने वाले कर्मचारियों ने हटवाया। अब जांच के बाद किसी एक विधानसभा क्षेत्र की सूची में माया सिंह का नाम रहेगा।
निर्वाचन नामावलियों के अंतिम प्रकाशन के बाद कांग्रेस नेता मुन्नालाल गोयल ने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर अशोक कुमार वर्मा को शिकायती आवेदन दिया था। आवेदन में कहा गया था कि मंत्री माया सिंह का नाम ग्वालियर जिले की दो विधानसभाओं में दर्ज है जो नियमानुसार गलत है। इसके अलावा मुन्नालाल गोयल ने ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र क्रमांक 81, 82 और 312 में फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े जाने की शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाए थे कि मंत्री के दबाव में कार्यकर्ता फार्म-6 भरवाकर नाम जुड़वाँ रहे हैं। शिकायत के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने डिप्टी कलेक्टर अश्विनी रावत को जांच के निर्देश दिए थे ।
डिप्टी कलेक्टर ने जिला निर्वाचन अधिकारी को सौंपी अपनी जांच रिपोर्ट में बताया कि मंत्री माया सिंह का नाम ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा की पोलिंग क्रमांक 221 सीरियल नंबर 708 पर दर्ज है जिसमें उनकी पहचान पत्र क्रमांक KVP2223659 लिखा है और ग्वालियर पूर्व विधानसभा के पोलिंग क्रमांक 256 के सीरियल नंबर 625 पर भी दर्ज है जिसमें पहचान पत्र क्रमांक HBV0278192 लिखा है। जांच में ये भी सामने आया कि ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा की सूची में माया सिंह का नाम 2006 में जोड़ा गया और ग्वालियर पूर्व विधानसभा की सूची में 2010 में नाम जोड़ा गया लेकिन इस दौरान किसी ने दूसरी मतदाता सूची से नाम नहीं हटवाया। शिकायत की जांच में ग्वालियर पूर्व विधानसभा के जिन मतदान क्रमांक 81, 82 और 312 में भारी संख्या में फर्जी और डबल नामों को जोड़ने की बात गलत साबित हुई। रिपोर्ट के मुताबिक इन मतदान केंद्रों पर केवल 6 मतदाता ऐसे निकले जिनकी प्रविष्टियां दोहरी मिलीं। लेकिन फर्जी मतदाता नहीं मिला। बताया जाता है कि कांग्रेस नेता ने जो शिकायत की थी उसमें 32 दोहरी प्रविष्टियों की बात कही थी। जांच रिपोर्ट के तथ्यों के अनुसार मतदान केंद्र 81 और 82 में दीनारपुर मंडी क्षेत्र, नारायण विहार आदि क्षेत्र आते हैं जहाँ लगातार बसाहट बढ़ रही है इसलिए नए मतदाता जुड़े हैं। वहीँ मतदान क्रमांक 312 में ओहदपुर, सिरोल, लोटस विला सहित कई टाउनशिप और मल्टी स्टोरीज बानी हैं जहाँ भी नए वोटर जुड़े हैं इसलिए मतदाताओं की संख्या इन तीनों मतदान केंद्रों में बढ़ी है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद अब मंत्री मया सिंह का नाम एक विधानसभा क्षेत्र की सूची से हटेगा इसके लिए या तो मंत्री माया सिंह या उनके परिजन को आवेदन देना होगा अथवा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार वर्मा रिपोर्ट देखकर स्वयं निर्णय लेंगे। दोषियों पर कार्रवाई भी जिला निर्वाचन अधिकारी ही तय करेंगे। बहरहाल कांग्रेस की इस शिकायत के बाद उसका ये दावा सच साबित हुआ कि मतदाता सूचियों में दोहरी प्रविष्टियां अभी भी दर्ज है। गौरतलब है कि कांग्रेस की शिकायत के बाद ही पिछले दिनों मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण हजारों की संख्या में नाम हटाए गए थे। इनमें कई नाम कई जगह दर्ज थे ,काई नाम मृतकों के थे और कई नाम ऐसे थे जो उस विधानसभा क्षत्र में अब निवास नहीं कर रहे थे।