Homeदेशसाथ नजर आ सकते हैं संघप्रमुख और नीतीश लालू को लगी मिर्ची

साथ नजर आ सकते हैं संघप्रमुख और नीतीश लालू को लगी मिर्ची

बिहार के मुख्यमंत्री सह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत इस सप्ताह एक कार्यक्रम में साथ नजर आ सकते हैं. यह कार्यक्रम बिहार के भोजपुर जिले के चंदवा में रामानुज आचार्य के 1000वें जन्म उत्सव के अवसर पर आयोजित किया गया है. इस अवसर पर पिछले कई दिनों से वहां एक यज्ञ हो रहा है और बुधवार को उसका समापन समारोह है. वहीं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने इसको लेकर नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया है. जिसमें उन्होंने लिखा है, ‘मुंह में राम, दिमाग में नाथूराम, तभी तो बन गए पलटूराम

बता दें, जदयू का एक बार फिर से एनडीए का हिस्सा बनने के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत 4 अक्टूबर को पटना पहुंचेंगे और बुधवार को उनका आरा में रामानुज स्वामी महाराज की 1000वीं जयंती में शामिल होने का कार्यक्रम है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी इसी कार्यक्रम में बुधवार को शामिल होना है. इस तरह नीतीश कुमार के साथ-साथ मोहन भागवत भी इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे, लेकिन दोनों का आमना-सामना नहीं होगा.

कार्यक्रम के मुताबिक संघ प्रमुख मोहन भागवत बुधवार को सुबह 10 बजे पटना एयरपोर्ट पहुंचेंगे और उसके बाद वह सीधे आरा के चंदवा गांव के लिए रवाना होंगे जहां पर उन्हें रामानुज स्वामी महाराज की 1000वीं जयंती के कार्यक्रम में हिस्सा लेना है. वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुधवार की सुबह 11 बजे आरा के चंदवा गांव पहुंचेंगे. मोहन भागवत को इस कार्यक्रम में शाम 4 बजे हिस्सा लेंगे. इस तरह दोनों का आमना-सामना होने की उम्मीद नहीं है.

वहीं मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जिला प्रशासन के अनुसार नीतीश कुमार हेलीकॉप्टर से जायेंगे और पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव उनके साथ जायेंगे. नंदकिशोर यादव ने इस कार्यक्रम में दोनों नेताओं की उपस्थिति की पुष्टि करते हुए कहा कि मोहन भागवत के आगमन के मद्देनजर आरएसएस के नेता और कार्यकर्ता उनके स्वागत की तैयारी में लगे हैं. जहां नीतीश कुमार इस कार्यक्रम के बाद तुरंत पटना वापस आ जायेंगे, वहीं मोहन भागवत का एक दिवसीय प्रवास का कार्यक्रम है. जहां वे शाम में प्रबुद्ध लोगों के साथ कार्यकर्ताओं को भी संबोधित करेंगे.

इस कार्यक्रम समेत मोहन भागवत इसी स्थान पर हो रहे अंतरराष्ट्रीय धर्म महासम्मेलन में भी शामिल होंगे. मोहन भागवत 5 अक्टूबर को आरा के ही चंदवा गांव में आरएसएस कार्यालय की आधारशिला रखेंगे. इसी दिन वह वापस पटना लौट जायेंगे और वहां से वह दिल्ली के लिए रवाना होंगे. बता दें कि रामानुज ईसा पूर्व 1017 में पैदा हुए थे. रामानुज की शिक्षाओं ने भक्ति आंदोलन को प्रभावित किया था.

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