Homeदेशसिलेंडर डिलीवरी को लेकर सरकार ने जारी किया अहम बयान बुकिंग के... देशप्रमुख खबरेंव्यापार सिलेंडर डिलीवरी को लेकर सरकार ने जारी किया अहम बयान बुकिंग के इतने दिन बाद आएगा सिलेंडर By Praveen Dubey March 12, 2026 0 224 Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp नई दिल्ली 12 मार्च 2026/एलपीजी सिलेंडर के संकट की आशंका से देशभर में घबराहट का माहौल है। लोग लंबी-लंबी कतारें लगाकर सिलेंडर ले रहे हैं। अब सरकार की ओर से सिलेंडर डिलीवरी को लेकर एक अहम बयान जारी किया गया है। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग में घबराहट न दिखाने की सलाह देते हुए कहा है कि बुकिंग के ढाई दिन में सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। मतलब ये हुआ कि जिस दिन आप बुकिंग करेंगे उसके ढाई दिन में सिलेंडर डिलीवर कर दिया जाएगा। यही स्थिति पहले भी थी। क्या कहा सरकार ने? पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बुधवार को कहा कि घरेलू एलपीजी के उत्पादन को बढ़ाने के लिए विशेष प्रबंध किये गए हैं जिससे पिछले कुछ दिनों में उत्पादन 25 प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने बताया कि रसोई गैस का किसी दूसरे कार्य में इस्तेमाल रोकने के लिए मंत्रालय सिलेंडर डिलिवरी प्रमाणन कोड को सख्ती से लागू कर रहा है। वर्तमान में 90 प्रतिशत उपभोक्ताओं को डिलिवरी प्रमाणन कोड प्रणाली के तहत लाने का सुजाता शर्मा ने पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर सरकार द्वारा किये गये उपायों पर अंतर-मंत्रालय संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत एलपीजी के मामले में 60 प्रतिशत आयात पर निर्भर है और आयातित एलपीजी का 90 प्रतिशत हिस्सा ईरान के पास हर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है जो युद्ध से प्रभावित है। इसके मद्देनजर जारी विशेष आदेश में सरकारी रिफाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन यथासंभव बढ़ाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 60 रुपये की हाल की वृद्धि के बाद 913 रुपये है। उज्ज्वला उपभोक्ताओं को प्रति सिलेंडर 613 रुपये देने पड़ रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में उछाल के बावजूद सरकार के हस्तक्षेप से देश में कीमतों को नीचे रखा जा रहा है। हर रोज गैस की खपत 18.9 करोड़ मानक घन मीटर सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत में हर रोज गैस की खपत 18.9 करोड़ मानक घन मीटर के बराबर है। इसमें से 9.7 करोड़ घन मीटर का आयात किया जाता है। इस समय खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के कारण 4.7 करोड़ घन मीटर गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके लिए वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति बढ़ाने का प्रयास हैं। उन्होंने बताया कि तरल एलएनजी के दो टैंकर इस समय रास्ते में हैं। सरकार ने उपलब्ध गैस को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को पहुंचाने के लिए नियंत्रण आदेश जारी किया है। इसके तहत घरेलू, परिवहन, अस्पताल और शैक्षणिक क्षेत्रों को प्राथमिकता में रखा गया है। उर्वरक क्षेत्र को 70 प्रतिशत आपूर्ति की जा रही है जबकि तेल शोधन संयंत्रों को उपभोग में 35 प्रतिशत तक कटौती करने के लिए कहा गया है। Tagsएलपीजी गैस डिलेवरी Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp Previous articleशहरवासियों में घबराहट के बीच घरेलू गैस एवं डीजल, पेट्रोल को लेकर आया कलेक्टर का बड़ा बयानNext articleग्वालियर घाटीगाँव शबरी माता मंदिर में कल 13 मार्च को होगा बड़ा आयोजन मुख्यमंत्री सहित कई दिग्गजों का होगा जमावड़ा Praveen Dubeyhttps://shabdshaktinews.in RELATED ARTICLES प्रमुख खबरें मध्यप्रदेश में होंगे 10 एयरपोर्ट, सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड October 5, 2026 प्रमुख खबरें आशीष प्रताप सिंह राठौड़ बने महादजी सिंधिया हॉकी अकादमी के अध्यक्ष October 5, 2026 देश सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने से किया इनकार October 5, 2026 Most Popular मध्यप्रदेश में होंगे 10 एयरपोर्ट, सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड October 5, 2026 आशीष प्रताप सिंह राठौड़ बने महादजी सिंधिया हॉकी अकादमी के अध्यक्ष October 5, 2026 सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने से किया इनकार October 5, 2026 गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 25 पैसे प्रति किलोग्राम प्रति क्विंटल बढ़ाये जाने से भड़के किसान October 5, 2026 Load more Recent Comments Praveen Dubey on सावधान ग्राहकों को गुमराह कर रही है डाबर कई उत्पादों पर लगाई गई रोक