भोपाल| मध्यप्रदेश के एसटीएफ स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम शर्मा ने पुलिस महानिदेशक वीके सिंह विभाग की छवि बिगड़ने का आरोप लगाया है| मामला हनी-ट्रैप मामले के खुलासे के बाद दिल्ली में सायबर सेल के गाजियाबाद के फ्लैट को लेकर शुरू हुई चर्चाओं से जुड़ा है| उनका कहना है कि फ्लैट के मामले को हनीट्रैप से जोड़ने की कोशिश की गई| डीजीपी पुलिस की छवि बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं| वे इस सम्बन्ध में राज्य सरकार और आईपीएस असोसिएशन को पत्र लिखेंगे|
पुरुषोत्तम शर्मा का कहना है कि फ्लैट लेने के पहले डीजीपी को सूचित किया गया था। मामले को लेकर सीएम और ग्रहमंत्री से वे बात कर चुके हैं| वहीं उन्होंने एक अखबार पर भी गाजियाबाद में लिए गए किराए के फ्लैट को लेकर छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है, अखबार के खिलाफ वे मानहानि का दावा करेंगे|
दरअसल, एक राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र में छपी खबर में कहा गया है कि दिल्ली में साइबर सेल ने सरकारी कामकाज के नाम पर गाजियाबाद के पॉश इलाके में किराए पर फ्लैट लिया हुआ है। हनी-ट्रैप मामले के खुलासे के बाद सरकार ने दिल्ली में सायबर सेल के गाजियाबाद के फ्लैट को खाली करवा दिया है। इस रिपोर्ट में कहा गया कि डीजीपी वीके सिंह ने साइबर सेल के एक आला अफसर को तलब कर फ्लैट को लेकर फटकार लगाई। साथ ही पूछा कि आखिर यह फ्लैट किसकी अनुमति से लिया गया था और इतना दूर फ्लैट लेने की वजह क्या थी| डीजीपी सिंह ने फ्लैट का इनपुट मिलने के बाद सायबर सेल डीजी शर्मा को तलब किया। उनसे फ्लैट लेने को लेकर सवाल पूछे गए। फ्लैट खाली करने को कहा गया।