भोपाल /मध्य प्रदेश के बहुचर्चित हनी ट्रैप मामले में आखिकार इंदौर नगर निगम के इंजीनियर पर गाज गिर गई। ब्लेकमेलर महिलाओं के खिलाफ शिकायत करने वाले इंजीनियर हरभजन सिंह को महापौर मालिनी गौड़ के निर्देश के बाद निलंबित कर दिया गया है। वहीं, सरकार ने इस मामले की तह तक जाने के लिए एक एसआईटी बनाई है। जो पूरे मामले की बारीकी से जांच करेगी। इसके प्रमुख आईजी सीआईडी डी. श्रीनिवास वर्मा होंगे।
दरअसल, इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरबजन सिंह ने शिकायत की थी कि उनको कुछ महिलाएं ब्लेकमैल कर रही है। उनकी शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया। इंदौर ब्लेकमैलिंग की रकम लेने पहुंची आरती दयाल और मोनिका यादव को गिरफ्तार किया था। वहीं, भोपाल में भी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की थी। भोपाल से तीन महिलाओं श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन और बरखा भटनागर सोनी को हिरात में लिया था। इन महिलाओं के पास से लैपटाप और हार्ड डिस्क जब्त की गई हैं। जिसमें बताया जा रहा है कई नेताओं, अफसरों के एमएमएस मौजूद हैं। हालांकि, अभी तक पुलिस ने इन अफसर या नेताओं के नाम अबतक उजागर नहीं किए हैं।