कलेक्टर ने धारा-144 के तहत जारी किया प्रतिबंधात्मक आदेश
ग्वालियर / ग्वालियर में आज एकबार पुनः कोरोना विस्फोट देखने को मिला यहां 142 लोगों को कोरोना संक्रमण होना सामने आया यह संक्रमण 3442 लोगों की जांच के बाद सामने आया है। उधर शहर में कंटेन्मेंट जॉन की संख्या 10 से बढ़कर 15 जा पहुंची है। तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।

जिला दण्डाधिकारी श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने धारा-144 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए सभी प्रकार के मेलों जिसमें समूह एकत्रित होता है, को प्रतिबंधित करने के आदेश पारित किए हैं। इसके साथ ही विवाह आयोजनों में दोनों पक्षों को मिलाकर 250 लोगों की उपस्थिति की अनुमति रहेगी। आयोजन के दौरान मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और सेनेटाइजर के इस्तेमाल का पालन करना अनिवार्य होगा।
जिला दण्डाधिकारी श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जारी आदेश में कहा है कि अंतिम संस्कार / उठावनी में अधिकतम 50 व्यक्तियों को ही शामिल होने की अनुमति होगी। इस दौरान भी मास्क एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा। समस्त सार्वजनिक स्थलों पर मास्क का उपयोग किया जाना बंधनकारी रहेगा। कोविड उपयुक्त व्यवहार जैसे सोशल डिस्टेंसिंग, सेनेटाइजेशन आदि के उपयोग का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
जारी आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 में दण्डात्मक प्रावधानों के अंतर्गत दण्डनीय होगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रशासनिक व स्वास्थ्य अमले से कहा बढ़ रहे कोरोना केसेस को चुनौती के रूप में ले सभी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखें
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि कोरोना के केसेस रोजाना बढ़ रहे है। यद्वपि अधिकांश को हॉस्पिटल में भर्ती नहीं होना पड़ रहा है, वे घर पर होम आइसोलेशन में ही ठीक हो रहे हैं। फिर भी बढ़ रहे कोरोना प्रकरणों को चुनौती के रूप में ले। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए हॉस्पिटल में ऑक्सीजन आपूर्ति, होम आइसोलेशन, कोविड केयर सेन्टर आदि सभी व्यवस्थाओं को चाक-चौबन्द रखा जाए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय से प्रदेश में कोरोना नियंत्रण एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे। लोक स्वास्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस सहित अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पिछले हफ्ते विश्व के विभिन्न देशो, राज्यों और प्रदेश के कोरोना ट्रेन्ड की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में कोरोना के केसेस अन्य राज्यों की तुलना में कम है। कोरोना संक्रमित घर पर ” होम आइसोलेशन” में स्वस्थ हो रहे है। कुछ ही संक्रमितों को हॉस्पिटल में भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उज्जैन जिले में कोरोना की स्थिति और प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उज्जैन कलेक्टर ने बताया कि जिले में वर्तमान में 92 व्यक्ति कोरोना संक्रमित है और इनमें केवल 4 का उपचार हॉस्पिटल में किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अधिकांश कोरोना संक्रमितों को ऑक्सीजन और एडवान्स ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं है। उनके लिए कोविड केयर सेन्टर पर व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाए। इससे अस्पतालों में अन्य रोगों के मरीजों का उपचार सतत जारी रहेगा।
अपर मुख्य सचिव श्री मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि वर्तमान में 16 हजार 527 आइसोलेशन बेड, 27 हजार 645 ऑक्सीजन सपोर्ट बेडस और 11 हजार 917 आई.सी.यू. एच.डी.यू बेड है। ऑक्सीजन प्लांट की नियमित मॉनीटरिंग की जा रही है। सभी ऑक्सीजन प्लांट फंक्शनल है। नागरिकों से कोरोना गाईड लाइन्स का पालन करने का अनुरोध किया जा रहा है।