प्रदेश में एक बार फिर छात्र संघ चुनावों की आहट सुनाई दे रही है। खबर है कि सरकार जल्द ही प्रदेश के कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव कराने की तैयारी में है।उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने भी बुधवार को इसके संकेत दिए। मंत्री का कहना है कि प्रदेश के प्राइवेट और सरकारी कालेजों में इस साल प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ चुनाव कराए जाएंगे। कॉलेजों में छात्र-छात्राएं अपना नेता खुद चुनें, सरकार यही चाहती है।34 साल बाद यह पहला मौका होगा जब कॉलेजों में वोट के जरिए छात्र नेता चुने जाएंगे।
दरअसल, लंबे समय बाद अब एक बार फिर प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव का रास्ता खुला गया है। इसके लिए छात्र-छात्राएं सीधे प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली से वोट कर अपने नेता का चुनाव करेंगे।फिर कॉलेज से ही यूनिवर्सिटी प्रतिनिधि चुने जाएंगे। इसके साथ चुने हुए प्रतिनिधि अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली के जरिए विश्वविद्यालय का अध्यक्ष चुनेंगे।पटवारी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में घोषणा कि थी कि वो सरकार में आने पर प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ चुनाव आयोजित कराएगी। चुनाव उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी अकादमिक कैलेंडर के अनुसार ही आयोजित कराए जाएंगे। इस हिसाब से चुनाव सितंबर या अक्टूबर में आयोजित कराए जा सकते हैं।