इंटरनेट सेवाएं बन्द , पाकपरस्त देशद्रोही तत्व उतरे सड़कों पर
आतंकियो के जनाजे के दौरान माहौल खराब करने की तैयारी
सेना ने संभाला मोर्चा, दी चेतावनी मुख्य धारा में वापस आएं अलगाववादी
जम्मू-कश्मीर में रविवार को सुरक्षा बलों के 12 आतंकवादियों को मार गिराए जाने के बाद घाटी में तनाव पसरता दिखाई दे रहा है। सेना की इस देशभक्त कार्यवाही से घाटी के पाकपरस्त अलगाववादी लोग बौखलाकर सड़कों पर आ गये हैं ।
इंटरनेट पर देशविरोधी भड़काऊ प्रचार के मद्देनजर इन सेवाओं पर रोक लगा दी गई है।
मुठभेड़ में आतंकियों के मारे जाने के दौरान स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए और सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष में दो नागरिक की मौत हो गई, जबकि 50 अन्य घायल हो गए।
आतंकियों के मारे जाने के बाद राज्य के अलगावादियों ने घाटी में दो दिनों का बंद बुलाया है।
ज्वाइंट रेसिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) के नेतृत्व में राज्य के अलगाववादियों ने कश्मीर में दो दिनों के बंद का आह्वान किया है।
जेआरएल के प्रवक्ता ने इस दौरान राज्य के लोगों से सभी काम छोड़कर आतंकियों के जनाजे में शामिल होने की अपील की है।
जेआरएल में सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारुक और यासीन मलिक का धड़ा शामिल है।
इस बीच स्थानीय प्रशासन ने मीरवाइज को उनके घर में नजरबंद कर दिया है। वहीं दक्षिण कश्मीर में इंटरनेट सेवा निलंबित कर दी है। घाटी के बारामूला और जम्मू क्षेत्र के बनिहाल कस्बे के बीच रेल सेवा दिनभर के लिए रोक दी गई है।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में इस साल के सबसे बड़े एनकाउंटर में सुरक्षा बलों ने कुल 11 आतंकियों को मार गिराया है।
मारे गए आतंकी हिजुबल मुजाहिद्दीन और लश्कर-ए-तैय्यबा के हैं। सभी आतंकी घाटी के ही रहने वाले हैं। मारे गए आतंकियों ने लेफ्टिनेंट फैयाज की हत्या करने वाला आतंकी भी शामिल है।