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मध्यप्रदेश भाजपा नेतृत्व के लिए परेशानी का सबब बने ये दो फायरब्रांड नेता

प्रदेश के सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी के ग्वालियर अंचल से जुड़े दो फायर ब्रांड नेताओं के बेबाक बयानों ने जहां पार्टी नेतृत्व के लिए समस्या खड़ी कर दी है वहीं ऐसा माना जा रहा है की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के 4,5 अप्रैल को प्रस्तावित कार्यक्रम के रद्द किए जाने के पीछे भी इन दो नेताओं में से एक का चुभता हुआ ट्वीट ही प्रमुख कारण है और अब इसको लेकर चर्चाओं का बाजार सरगर्म है।

आप सोच रहे होंगे आखिर कौन हैं भाजपा के ये दो फायरब्रांड नेता ? तो हम आपको बताए देते हैं इनके नाम । ये नेता हैं भाजपा के पूर्व सांसद ,प्रदेश सरकार के पूर्वमंत्री व बजरंगदल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया व प्रदेश सरकार के एक और पूर्वमंत्री पूर्व सांसद अनूप मिश्रा। ये दोनों ही नेता पिछला विधानसभा चुनाव हार गए थे यही कारण है की पार्टी के पुनः सत्ता में लौटने बावजूद फिलहाल प्रदेश की सत्ता में इनकी सहभागिता शून्य है। वैसे इसके पीछे पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी व वर्चस्व की लड़ाई भी एक प्रमुख कारण है।

पहले बात करते हैं जयभान सिंह के उस ट्वीट की जिसको लेकर आज चर्चा चलती रही। जैसे ही यह समाचार आया की ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का 4,5 अप्रैल का प्रस्तावित दौरा स्थगित कर दिया गया है। इसके पीछे जयभान सिंह के ट्वीट को प्रमुख कारण बताया जाने लगा।

एक दिन पहले पवैया ने ट्वीट किया था कि ‘होली मनी और कोरोना गाइडलाइन का पालन भी किया गया। अब जनता की अपेक्षा है कि किसी भी दल के नेताओं के दौरों, काफिलों में सरकारी- गैर सरकारी कार्यक्रम में संख्या को लेकर वही सख्ती दिखाई दे’। इस ट्वीट के कुछ घंटों बाद सिंधिया और सीएम शिवराज का ग्वालियर-शिवपुरी का दौरा रद्द करने का ऐलान हो गया। अब इस ट्वीट के कई मायने निकाले जा रहे हैं।

जयभान सिंह पवैया का एक दिन पहले किया गया ट्वीट ने राजनीतिक गलियारों में खूब सुर्खियां बटोरी हैं।
जयभान सिंह पवैया का एक दिन पहले किया गया ट्वीट ने राजनीतिक गलियारों में खूब सुर्खियां बटोरी हैं।

सीएम के साथ कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे सिंधिया

भाजपा नेता व राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का 4 और 5 अप्रैल को ग्वालियर, शिवपुरी व अशोक नगर का दौरा प्रस्तावित था।

– सिंधिया को 4 अप्रैल को कोलकाता से सीधे ग्वालियर आना था। यहां मिग-21 क्रैश में शहीद हुए ग्रुप कैप्टन आशीष गुप्ता के घर जाने के साथ कई स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेना था।

– इसके बाद 5 अप्रैल को सीएम शिवराज सिंह के साथ शिवपुरी के पोहरी, अशोक नगर मुंगावली में विभिन्न् कार्यक्रम में भाग लेना था।

ट्वीट के बाद याद आया कोरोना

कार्यक्रम तय हो गया था। करीब 3 दिन पहले भाजपा कार्यालय से कार्यक्रम भी मीडिया को जारी कर दिया गया था। इसी बीच, 2 अप्रैल को भाजपा नेता व पूर्व मंत्री के जयभान सिंह पवैया के ट्वीट से हंगामा हो गया। इसके बाद आनन-फानन में सीएम और सिंधिया का दौरा रद्द करना पड़ा। कहा गया कि अपरिहार्य कारणों के चलते कार्यक्रम रद्द किया गया है।

हो रहा था विरोध

सीएम शिवराज सिंह और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का मुंगावली में नल योजना का कार्यक्रम था। जब यह कार्यक्रम जारी हुआ, तो वहां विरोध शुरू हो गया, क्योंकि यहीं कोरोना की बात कहकर रंग पंचमी का लगने वाले करीला माता के मेला को रद्द किया गया था। ऐसे में सीएम का कार्यक्रम होता, तो समस्या खड़ी हो सकती थी।

अब दूसरे नेता की बात करते हैं यह नेता हैं अनूप मिश्रा अभी एक पखवाड़े के दौरान पहले ठेले वालों के समर्थन में उन्होंने मोर्चा खोला और शहर के व्यस्ततम बाजार कम्पू में धरना देकर प्रशासन की सिट्टी पिट्टी गम कर दी अभी यह ठंडा भी नहीं पड़ा की अनूप ने सब्जीमंडी शिफ्ट किये जाने के खिलाफ  सब्जी विक्रेताओं  का समर्थन करते हुए धरना देकर प्रशासन की नींद उड़ाकर रख दी। अब आज उन्होंने प्रेस के सामने अवैध शराब की बिक्री रोकने की ढुलमुल सरकारी नीत के खिलाफ मोर्चा खोलकर भाजपा नेतृत्व के सामने समस्या खड़ी कर दी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा की अगर प्रदेश में खनिज वन और ट्रांसपोर्ट के बैरियर हो सकते हैं, तो अवैध शराब रोकने के लिए आबकारी विभाग के बैरियर क्यों नहीं हो सकते। सरकार को चाहिए कि आबकारी के बैरियर बनाए जाएं, जिससे अवैध शराब को रोका जा सके। लोगों को मरने से बचाया जा सके। अनूप मिश्रा शनिवार को अल्प प्रवास पर मुरैना आए  थे , पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा ने ये बात पत्रकारों से चर्चा में कही।

पूर्व मंत्री ने कहा, नशा छोड़ने के लिए अभियान चलाना चाहिए। अवैध शराब के खिलाफ सरकार को नए नियम बनाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है, नियमों का सख्ती से पालन नहीं किया जाएगा, यह भी उचित नहीं है। भिंड में युवकों की शराब से मौत के मामले पर उन्होंने कहा कि सरकार को उत्तर प्रदेश व राजस्थान के एक्साइज मिनिस्टर्स व अधिकारियों से बात करनी होगी।

रेत माफियाओं को आतंकवादी न समझें

मुरैना में रेत माफियाओं पर अंकुश न लगा पाने के सवाल के जवाब में पूर्व मंत्री ने कहा, चाहे हम हों या केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, यह न समझें कि आतंकवादी है और हम उन्हें गोली मारने के लिए बैठे हैं। पुलिस को रेत माफियाओं के खिलाफ नाकाबंदी करना चाहिए, यही उपाय है। रामपुर घाटी की 13 पंचायतों में पानी की समस्याओं को लेकर उन्होंने कि उन पंचायतों का जल स्तर नीचे है। स्टॉप डैम बनाने के लिए योजना बनाई गई थी।

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