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मध्यप्रदेश में होने वाले चित्र भारती फ़िल्म फेस्टिवल के पोस्टर का ग्वालियर में लोकार्पण

ग्वालियर /राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख श्री ओम प्रकाश सिसोदिया ने भारतीय चित्र साधना के अखिल भारतीय फिल्म समारोह, चित्र भारती फिल्म समारोह 2022 (CBFF 2022) के पोस्टर का लोकार्पण ग्वालियर के शासकीय विज्ञान महाविद्यालय और पार्वतीबाई गोखले विज्ञान महाविद्यालय में किया। यह इस प्रसिद्ध फ़िल्म समारोह का चौथा संस्करण है । इस अवसर चित्र भारती के प्रांत सह संयोजक श्री दिनेश चाकणकर तथा सतपुड़ा चलचित्र समिति के सह सचिव चंद्रप्रताप सिकरवार ,शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर भानु प्रताप सिंह जादौन मेजर डॉक्टर अशोक सिंह चौहान डॉक्टर संतोष सिंह सेंगर नीलम भटनागर पर्वतीबाई गोखले विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य श्री बीएस गुप्ता, कमल जैन, सुनील पाठक,रविंद्र जगताप, अरुण काटे, सचिन मजूमदार, विजय शर्मा, एकात्मता पांडे, जिला संयोजक नारायण पिरोनिया,प्रचार प्रमुख मनीष मांझी भी उपस्थित रहे ।

इस अवसर पर श्री सिसोदिया जी ने कहा कि चित्र भारती युवाओं को आगे बढ़ने केलिए अवसर उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि आज का सिनेमा पश्चिम का नकल कर रहा है। सिनेमा में भारतीय मूल्यों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। भारतीय चित्र साधना भारतीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाले सिनेमा को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि सिनेमा तेजी से लोगो को रोजगार उपलब्ध करवाने वाली इन्डस्ट्रीज है। उन्होंने बताया कि बदलते समय में ओटीटी जैसे नए प्लेटफॉर्म भी युवाओं को सिनेमा से जोड़ने में कारगर साबित है। इस अवसर पर चित्र भारती के प्रांत सह संयोजक श्री दिनेश चाकणकर ने बताया कि प्रत्येक दो साल पर होने वाला यह समारोह इस बार 18से 20 फरवरी 2022 आयोजित किया जाएगा। सीबीएफएफ छह साल के अंतराल के बाद मध्य प्रदेश लौट रहा है | पहली बार यह 2016 में राज्य के बहु-सांस्कृतिक वाणिज्यिक केंद्र इंदौर में आयोजित किया गया था ।

 

चित्र भारती मध्यभारत के प्रांत सह संयोजक दिनेश चाकणकर ने बताया कि Covid-19 प्रेरित कोरोना महामारी और उसके निरंतर बाद के मद्देनजर हाल ही में हाल ही में न सिर्फ फिल्म और टेलीविजन उद्योग के लिए बल्कि सामान्य रूप से सभी वर्गों के लोगों के लिए भी बहुत चुनौतीपूर्ण रहा है । पूरी दुनिया को कोरोना के खतरे का सामना करना पड़ा । बाकी कारोबारियों की तरह ही फिल्म इंडस्ट्री को पूरी तरह से बंद का सामना करना पड़ा । आर्थिक गतिविधियों के पुनः आरंभ होने के बावजूद फिल्म उद्योग को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा क्योंकि इसमें करीबी शारीरिक निकटता शामिल है । लेकिन चीजें धीरे सामान्य रास्ते पर लौट रही है | यैसे में फिल्म और टेलीविजन उत्पादन की गतिविधियों में भी गति आयी है ।

हालांकि लॉकडाउन अवधि के दौरान फिल्म निर्माण गतिविधि को सक्रिय रखने की आवश्यकता को महसूस करते हुए और Covid स्वास्थ्य प्रोटोकॉल पर जागरूकता को बढ़ावा देने के लिहाज़ से भारतीय चित्र साधना ने एक ऑनलाइन कोविड-19 लघु फिल्म समारोह का आयोजन भी किया था । इस प्लेफॉर्म पर लोगों को स्वास्थ्य प्रोटोकॉल बनाए रखते हुए Covid जागरूकता विषयों पर लघु फिल्मों में भेजने के लिए आमंत्रित किया गया था 100 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं । यूँ कहें कि लॉकडाउन में भी भारतीय चित्रा साधना ने ऑडियो-विजुअल फील्ड में काम करना जारी रखा और शौकिया के साथ-साथ प्रोफेशनल फिल्म मेकर्स को भी शामिल किया । हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी फिल्म और संबंधित गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्र की सेवा जारी रहेगी ।

सतपुड़ा फिल्म सोसाइटी के सह सचिव चंद्रप्रताप सिकरवार ने बताया कि भारतीय चित्र साधना भारत की परंपराओं और विविधता का सम्मान करती है और मनाती है और ऑडियो-विजुअल क्षेत्र में भी इसे संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है । सीबीएफएफ का प्रत्येक संस्करण सामाजिक और राष्ट्रीय प्रासंगिकता के विषयों पर प्रविष्टियां आमंत्रित करता है। विषयों का निर्णय पारंपरिक और समसामयिक मुद्दों को ध्यान में रखकर किया जाता है। CBFF फिल्म उद्योग के अग्रणी पेशेवर के साथ अपने प्रत्येक फेस्टिवल के दौरान मास्टर कक्षाएं आयोजित करता है । 2016 में राजपाल यादव, मनोज तिवारी, मधुर भंडारकर, के वी विजयेंद्र प्रसाद जैसी हस्तियों ने प्रतिभागियों और दर्शकों के साथ अपने अनुभव साझा किए थे । सीबीएफएफ 2020 के पिछले संस्करण में अन्य दिग्गजों के साथ साथ सुभाष घई और अब्बास-मस्तान की भी मास्टर क्लास थी ।

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