भारतीय जनता पार्टी की Age 75 की इलेक्शन सर्जरी का शिकार बन चुके लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी कलराज मिश्र जहां अब चुपचाप हैं वहीं लोकसभा अध्यक्ष व इंदौर की छह बार की सांसद सुमित्रा महाजन भी पूरी तरह से इसी सर्जरी की चपेट में आ चुकी हैं। लेकिन अब सोशल मीडिया पर ग्वालियर से टिकट के दावेदार एक नेता को लेकर जो खबर तेजी से वायरल हो रही है वह बेहद चोंकाने वाली कही जा सकती है। इस खबर में कितनी सत्यता है फिलहाल shabdshaktinews इसपर कोई दावा नहीं कर रहा है।
यह वायरल खबर है ग्वालियर के महापौर विवेक शेजवलकर के ऊपर भाजपा की Age 75 की इलेक्शन सर्जरी के बादल मंडराने की। जानकारी इस कारण से महत्वपूर्ण कही जा सकती है क्यों कि भाजपा के लिए ग्वालियर लोकसभा की सीट खासा परेशानी का सबब बनी हुई है और इस परेशानी के तमाम किरदारों में से एक विवेक शेजवलकर का नाम भी इसमें शामिल है।
उल्लेखनीय है कि ग्वालियर लोकसभा से वर्तमान सांसद नरेंद्र तोमर ने इसबार यहां से पलायन करते हुए मुरैना लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की रणनीति बनाई है। उनके ग्वालियर छोड़ते ही यह माना जा रहा था कि पार्टी महल से सबसे सशक्त उम्मीदवार के रूप में यशोधरा राजे सिंधिया को प्रत्याशी के र्रूप में घोषित कर देगी ।
लेकिन पार्टी ऐसा करती इससे पहले ग्वालियर के महापौर विवेक शेजवलकर का नाम तेजी से उभरकर सामने आया । उनके समर्थकों और यशोधरा राजे के समर्थन में जोरदार लामबंदी शुरू हुई उधर मुरैना से टिकट कटने के कारण अनूप मिश्रा की नाराजगी भी सामने आ गई परिणाम स्वरूप पार्टी को ग्वालियर की सीट पर प्रत्याशी चयन करने के लिए संघ और भाजपा के बड़े नेताओं की शरण में जाना पड़ा जहां खबर लिखे जाने तक कोई निर्णय नहीं हो सका है।
Vivek Narayan Shejwalkar
GWALIOR NAGAR NIGAM (GWALIOR)
Self Profession:
Spouse Professio
इस घटनाक्रम के बीच शेजवलकर की उम्र 75 वाली खबर ने निश्चित ही पार्टी रणनीतिकारों की मुसीबत बढ़ा दी है। इस वायरल खबर में कितनी सत्यता है यह पता लगाने के लिए shabd shakti news ने अपने स्तर पर पड़ताल कर विवेक शेजवलकर की उम्र पता करने के लिए दस्तावेज खंगाले । इसपरं श्री शेजवलकर द्वारा 2014 में महापौर का चुनाव लड़ते वक्त भरा गया वो डिक्लेरेशन फॉर्म प्राप्त हुआ जिसमें उनकी उम्र का ज़िक्र आया है। उस फार्म में श्री शेजवलकर की उम्र 67 वर्ष बताई गई है। चूंकि यह जानकारी 2014 की है अतः शेजवलकर 75 के पार तो नहीं लेकिन 75 के करीब जरूर पहुंचते दिख रहे हैं। चूंकि जो जानकारी है वह पूरी तरह सही है इसकी जांच तो पार्टी के नीतिनिर्धारकों को ही करना होगी,ऐसा इसलिए जरूरी है क्योंकि दी गई जानकारी में ं केवल 67 वर्ष लिखा है तारीख का न होना सन्देह पैदा कर सकता है। चूंकि 75 वर्ष के नेताओं को चुनाव न लड़ाने का निर्णय राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण विषय बन चुका है ऐसे में उम्र को लेकर छोटी सी गलती भी पार्टी हाईकमान के लिए परेशानी और विवाद का कारण बन सकता है। ऐसे में जरूरी होगा किसी भी वायरल खबर को गम्भीरता से लेकर उसकी जांच के बाद ही कोई निर्णय लिया जाए। अब देखना दिलचस्प होगा कि उनकी पार्टी के रणनीतिकार क्या निर्णय लेते हैं।