नई दिल्लीः आज ईद का चांद दिख गया है और देशभर में कल ईद-उल-फ़ितर का त्योहार मनाया जाएगा. जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने चांद दिखने का एलान किया है. इसके साथ ही कल देशभर में ईद की घोषणा कर दी गई है. इस तरह रोजेदारों का ईद का इंतजार पूरा हो गया है. इस्लामी कैलेंडर के तहत रमजान का महीना पूरा होने पर ईद मनाई जाती है. सऊदी अरब में आज ईद का त्योहार मनाया जा रहा है और भारत में कल ईद का त्योहार मनाया जाएगा.
अन्य शहरों से तस्दीक के बाद लखनऊ में मरकजी चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने चांद दिखने का एलान किया. लखनऊ के ऐशबाग स्थित ईदगाह में मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली द्वारा ईद के एलान के वक्त तमाम उलेमा भी मौजूद रहे.
आज कोलकाता, बनारस,भोपाल और असम समेत विभिन्न हिस्सों में ईद का चांद देखा गया. इसी के साथ रमजान का मुकद्दस महीना खत्म हो गया. ईद का त्यौहार रमज़ान के रोज़े रखने के बाद मनाया जाता है. इस बार रमजान का महीना सात मई से शुरू होकर चार जून को खत्म हो गया. इस बार 29 रोजे रखे गए.
दिल्ली की फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने बताया कि देश भर में बुधवार को ईद का त्यौहार मनाया जाएगा. उन्होंने बताया कि कोलकाता, बिहार में पटना समेत कई इलाकों, उत्तर प्रदेश के संभल और असम के अलावा कई जगहों से चांद के दीदार होने की पुष्टि हुई है.
ईद-उल-फ़ितर मुसलमानों का पवित्र त्योहार है और ईद का ये त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन मुसलमान किसी पाक साफ़ जगह पर जिसे ‘ईदगाह’ कहते हैं, वहाँ इकट्ठे होकर ईद-उल-फ़ितर की दो रक्आत नमाज़ अदा करते हैं. नमाज के बाद लोग गले मिलकर मुबारकबाद देते हैं.
रमज़ान के पूरे महीने में मुसलमान रोज़े रखकर यानि भूखे-प्यासे रहकर पूरा महीना अल्लाह की इबादत में गुज़ार देते हैं. इस पूरे महीने को अल्लाह की इबादत में गुज़ार कर जब वे रोज़ों से फ़ारिग हो जाते हैं तो चांद की पहली तारीख़ अर्थात जिस दिन चांद दिखाई देता है, उस रोज़ को छोड़कर दूसरे दिन ईद का त्योहार मनाया जाता है. इस ख़ुशी के दिन को ईद-उल-फ़ितर कहते हैं. पहली बार ईद उल-फ़ितर पैगम्बर मुहम्मद ने सन 624 ईसवी में जंग-ए-बदर के बाद मनाई गई थी.