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ग्वालियरअंचल में पेड़ो के पत्तों पर ओस बनी बर्फ,पारा 2 के करीब,जनजीवन अस्तव्यस्त

भोपाल। ग्वालियर चम्बल अंचल में सर्दी ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है रविवार सोमवार की दरम्यानी रात पारा 2 डिग्री तक जा पहुंचने से आज सुबह पेडों के पत्तों पर ओस की बूंदे बर्फ जैसी जमी दिखाई दीं।  शीतलहर के चलते दिन में भी ठिठुरन बढ़ गई है। दतिया, श्योपुर और ग्वालियर में सर्दी से प्रभावित रोगियों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।

प्रदेश के रतलाम, रायसेन, दतिया, धार, टीकमगढ़, श्यौपुरकला, खजुराहो, ग्वालियर, सिवनी, जबलपुर, सागर, उमरिया शीतलहर की चपेट में आ गए हैं। वहीं शुक्रवार को भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर में तीव्र शीतल दिन रहा। मौसम विज्ञानियों ने 30 दिसंबर तक ठंड के तेवर तीखे बने रहने के आसार जताए हैं। साथ ही सागर, रीवा, शहडोल, ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में पाला पड़ने की आशंका जताई है।

उधर शुक्रवार को सबसे कम तापमान उमरिया में 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं ग्वालियर, दतिया और श्यौपुरकला में तीन डिग्री तापमान रहा। राजधानी में न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से चार डिग्री कम रहा।  उत्तर भारत में भीषण बर्फबारी के कारण वहां से लगातार आ रही उत्तरी हवा और आसमान पूरी तरह साफ होने, वातावरण में नमी काफी कम होने से अचानक ठंड बढ़ गई है। आने वाले कुछ दिनों तक ठंड के तेवर इसी तरह तीखे बने रहने के आसार हैं।

श्योपुर में गुरुवार-शुक्रवार की रात पारा नीचे आ गया है जिससे पौधों पर ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन गईं। उधर जंगल में कूनो नदी पर बर्फ की पतली परत जम गई। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 3 डिग्री दर्ज हुआ है। शुक्रवार सुबह जब लोग जागे तो ओस की बूंदें फसलों पर बर्फ की तरह जमी दिखाई दीं। घरों के बाहर जो दोपहिया व चार पहिया वाहन रखे थे उन पर ओस के कारण बर्फ की परत जम गई।

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