भोपाल।
मध्यप्रदेश में इन दिनों जहां भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के बीच खुला संघर्ष दिखाई दे रहा है। वहीं दूसरी ओर कमलनाथ सरकार के कई मंत्रियों जिनमें प्रधुम्न सिंह, इमरती देवी भी शामिल हैं का प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पटरी नहीं बैठने से मुख्यमंत्री कमलनाथ का सिरदर्द दोगुना हो गया है हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि आईएएस अफसरों की लॉबी डीजीपी वीके सिंह को पद से हटाने के लिए पूरा जोर लगा रही है। इतना ही नहीं आईएएस अफसरों की लॉबी यह भी चाहती है कि नया डीजीपी उनकी पसंद का आईपीएस अफसर हो। इधर पुलिस विभाग प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ सख्त होता जा रहा है। हनी ट्रैप मामले की जांच शुरू हुआ यह मामला तनाव के चरम पर है। इस सब के बीच खबर आ रही है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ जी मध्य प्रदेश में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करने वाले हैं।
मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि मंत्रियों के साथ जिन अधिकारियों का संतुलन नहीं बन पा रहा, उनमें खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और प्रमुख सचिव नीलम शमी राव, मंत्री ओमकार सिंह मरकाम और प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी, महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी और प्रमुख सचिव अनुपम राजन, मंत्री तरुण भनोत और अपर मुख्य सचिव अनुराग जैन के साथ मंत्री जयवर्धन सिंह और प्रमुख सचिव संजय दुबे शामिल हैं।
इसी तरह हरिरंजन राव के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने, गौरी सिंह के नौकरी छोड़ने और प्रमोद अग्रवाल के कोल इंडिया के सीएमडी बनने के बाद वीएल कांताराव और नीलम शमी राव भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले हैं। राव के जाने से उच्च शिक्षा का प्रभार खनिज विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई को सौंपा गया है। प्रमोद अग्रवाल के जाने से तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विभाग का जिम्मा आदिवासी विभाग की प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी के पास है। गृह व जेल के साथ परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव एसएन मिश्रा की भी कुछ जिम्मेदारी कम की जा सकती हैं। अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव के अवकाश पर जाने के बाद वन विभाग का जिम्मा भी सौंपना होगा। इन सब परिस्थितियों को लेकर प्रशासनिक सर्जरी जल्द हो सकती है। सूची पर एक दौर की चर्चा हो चुकी है। इसी सप्ताह मुख्यमंत्री कमलनाथ सूची को अंतिम रूप दे सकते हैं।
मंडला कलेक्टर सीएए को लेकर सुर्खियों में हैं। इंदौर कलेक्टर सचिव पद पर प्रमोट हो चुके हैं। अशोक नगर कलेक्टर मंजू शर्मा जून में, देवास कलेक्टर श्रीकांत पांडे सितंबर में रिटायर होंगे।
शहडोल, होशंगाबाद और छतरपुर के एसपी डीआईजी पद पर प्रमोट हो चुके हैं। छतरपुर और जबलपुर के डीआईजी भी आईजी बन चुके हैं। इसलिए फेरबदल में ये भी शामिल हो सकते हैंराजगढ़ में कलेक्टर-एसपी के बीच विवाद के बाद माना जा रहा है कि एसपी को कहीं भेजा जा सकता है।
जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव व 1985 बैच के आईएएस एम गोपाल रेड्डी मप्र के नए मुख्य सचिव हो सकते हैं। इसका आदेश 31 मार्च को निकलेगा। मौजूदा सीएस एसआर मोहंती 31 मार्च को रिटायर हो रहे हैं। रेड्डी के मुख्य सचिव बनने के बाद मप्र विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन का फैसला होगा, क्योंकि 29 फरवरी तक इसके लिए आवेदन बुलवाए गए हैं। इसकी स्क्रूटनी प्रक्रिया मार्च तक पूरी हो सकती है।
लिहाजा माना जा रहा है कि मुख्य सचिव के तुरंत बाद ही आयोग के चेयरमैन की नियुक्ति हो जाएगी। चेयरमैन मोहंती को बनाया जा सकता है। रेड्डी को मुख्य सचिव बनाने को लेकर मुख्यमंत्री स्तर तक लगभग सहमति बन चुकी है। इसीलिए वे अहम बैठकों में मुख्य सचिव के साथ शिरकत करने लगे हैं। हाल ही में फाइनेंस और बजट को लेकर मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें मुख्य सचिव मोहंती के साथ रेड्डी शामिल हुए। आमतौर पर मुख्य सचिव पद पर नियुक्ति से पहले विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (ओएसडी) का आदेश निकलता है, लेकिन रेड्डी के मामले में भी ऐसा नहीं होगा।