Homeदेशसचिन पायलट के नए राजनीतिक दल बनाने के संकेत ?

सचिन पायलट के नए राजनीतिक दल बनाने के संकेत ?

जयपुर /राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर संकट बरकरार है। बहुमत के लायक विधायकों की संख्या प्राप्त करने के बाद सीएम अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को डिप्टी सीएम और सोनिया गांधी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा तो दिया परंतु अब परिस्थितियां और ज्यादा गंभीर हो गई है। सूत्रों का कहना है कि सचिन पायलट ने ‘गुर्जर ध्वज’ थाम कर सड़क पर उतरने का मन बना लिया है। पायलट भाजपा में नहीं जाएंगे (बयान भी दे दिया है) बल्कि नई पार्टी बनाएंगे। 30 विधानसभा सीटों पर फोकस होगा और सबसे पहले अशोक गहलोत निशाने पर होंगे।

कांग्रेस पार्टी के हाईकमान (सोनिया गांधी के सलाहकार) और सीएम अशोक गहलोत को युवा नेता सचिन पायलट का शिकार करना भारी पड़ गया। राजस्थान में ना केवल कई कांग्रेसी नेताओं ने इस्तीफे दिए बल्कि गुर्जर समाज भड़क गया फुलस्टॉप गुर्जर समाज के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। राजस्थान के कई इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। बताने की जरूरत नहीं की बात बेहद बढ़ गई है और गंभीर स्थिति की तरफ मुड़ गई है। गुर्जर समाज के लोग ना केवल सचिन पायलट को इस तरह हटाए जाने से नाराज हैं बल्कि महाराणा प्रताप का अपमान करने वाले कांग्रेस नेता गोविन्द सिंह डोटासरा को पहले शिक्षा मंत्री और अब कांग्रेस पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाने से भी नाराज हैं। सचिन पायलट को इस तरह से अपमानित करके निष्कासित करने की कार्रवाई को कांग्रेस में बुजुर्ग और चालाक नेताओं द्वारा युवाओं पर हमला माना जा रहा है।

गुर्जर बहुल जिलों दौसा, धौलपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, टोंक, सवाईमाधोपुर व करौली जिलों में हाई अलर्ट है। इन जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई है। इस बीच, बानसूर में गुर्जर समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और स्थानीय विधायक शकुंतला रावत का पुतला फूंका। वहीं, दौसा जिले में भी प्रदर्शन किया गया। यहां सचिन पायलट के समर्थक सड़क पर उतर आए और मंत्री ममता भूपेश का पुतला फूंका। वर्चस्व की लड़ाई में ममता ने सीएम गहलोत को समर्थन दिया है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सचिन पायलट के समर्थन के चलते ही ममता भूपेश विधायक बनी थीं। सचिन पायलट के निर्वाचन क्षेत्र टोंक जिले में इस सियासी घटनाक्रम से लोग निराश हैं। यहां प्रदेश कांग्रेस सदस्य सऊद सईदी ने इस्तीफा दे दिया है। वहीं, टोंक में रेल लाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष अकबर खान ने ट्वीट कर सचिन पायलट से कहा, “मैं और मेरे पूरे लोग दलबल के निर्णय में आपके साथ हैं।
उनके समर्थकों ने गहलोत के खिलाफ नारेबाजी की।”राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि खुफिया विभाग को मिले इनपुट के आधार पर सुरक्षा बढ़ाई गई है।उल्लेखनीय है कि पौने दो साल पहले जब कांग्रेस सत्ता में आई तो मुख्यमंत्री पद को लेकर गहलोत व पायलट के बीच चली खींचतान के दौरान भी गुर्जर समाज के लोगों ने कई जगह उपद्रव किया था।

 

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