ग्वालियर का जिला प्रशासन अपने दायित्वों के प्रति कितना सुस्त और लापरवाह है इसकी पोल शनिवार को उस वक्त खुल गई जब शहर में जाम के हालात से परेशान लोगों को देख सांसद व पूर्व महापौर विवेक नारायण शेजवलकर को शहर के इंदरगंज इलाके में सड़क पर उतरना पड़ा व जिला प्रशासन को आगाह करने खुद अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाना पड़ा। इसके कुछ देर बाद जनता की परेशानी से बेखबर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और उसे बेतरतीब वाहनों को पहले से तैयार व्यवस्थित पार्किंग में पहुंचाने के लिए सड़क पर मशक्कत करते देखा गया।
हुआ कुछ यूं की दोपहर बाद शहर में लगे जाम से परेशान जनता की खातिर सांसद विवेक शेजवलकर भाजपा जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी के साथ इंदरगंज क्षेत्र का मुआयना करने निकले श्री शेजवलकर इस बात को लेकर खफ़ा थे की लम्बे समय से इन इलाकों में तैयार खड़ी व्यापारी पजल पार्किंग एवं ऑटोमेटिक पार्किंग को
वाहनों के लिए क्योंनहीं शुरू किया जा रहा ? गुस्साए सांसद ने सड़क पर उतरकर अपना मोबाइल निकाला और वीडियो बनाना शुरू कर दिया। बाद में उन्होंने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन एवं पुलिस अधीक्षक से शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर चर्चा की । चर्चा के बाद प्रशासन हरकत में आया । सड़को पर उतरे पुलिस व प्रशासनिक अमले ने कहा की
जयेंद्रगंज एवं ओल्ड हाई कोर्ट क्षेत्र में सुचारू यातायात व्यवस्था के लिए व्यापारी अपने वाहन गिरिराज जी मंदिर के पास बने पजल पार्किंग एवं राजीव प्लाजा के पास बनी ऑटोमेटिक पार्किंग में ही लगावाएं जिससे यातायात बाधित ना हो। उक्त आशय के निर्देश नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन ने आज निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को दिए। निगमायुक्त श्री माकिन ने शनिवार शाम को ओल्ड हाई कोर्ट क्षेत्र में निगम द्वारा बनाई गई पजल पार्किंग का निरीक्षण किया, जिसमें पाया गया कि क्षेत्र के व्यापारी अपने वाहन पजल पार्किंग में ना लगाकर आसपास सड़क पर ही खड़े कर देते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। जिसके चलते आज कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर निगमायुक्त श्री संदीप माकिन , अपर कलेक्टर श्री किशोर कान्याल एवं एडिशनल एसपी श्री सत्येंद्र सिंह द्वारा पजल पार्किंग का निरीक्षण किया गया तथा क्षेत्र में आसपास सड़कों पर खड़े वाहनों का चालान काटा गया । इसके साथ ही क्षेत्र के व्यापारियों से आग्रह किया गया कि अपने वाहन पार्किंग में ही निर्धारित शुल्क जमा कर खड़े करें, जिससे यातायात सुचारू चल सके। उल्लेखनीय है कि पजल पार्किंग जब प्रारंभ की गई थी तब 1 माह के लिए व्यापारियों हेतु निशुल्क पार्किंग कराई गई थी। इसके पश्चात पार्किंग का शुल्क लिया जाने लगा, जिसके चलते क्षेत्र के व्यापारी अपने वाहन पार्किंग में खड़े ना कर रोड पर ही खड़े कर देते हैं।
इसके साथ ही अधिकारियों द्वारा राजीव प्लाजा स्थित ऑटोमेटिक पार्किंग का भी निरीक्षण किया गया तथा व्यापारियों से अपने वाहन ऑटोमेटिक पार्किंग में ही लगाने का आग्रह किया गया तथा यह भी निर्देश दिए कि जो भी व्यापारी अपने वाहन पार्किंग में नहीं लगाएगा और रोड पर खड़ा करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान यह भी न निर्णय लिया गया कि नगर निगम एवं पुलिस प्रशासन के लिए टीम लगातार क्षेत्र का निरीक्षण करेगी और रोड पर वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।