इससे पहले केरल पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच उसे लेकर कोयंबटूर से शिवराज होम्यापैथी मेडिकल कॉलेज पहुंची. सलेम कोयंबटूर से करीब 170 किलोमीटर दूर है. इस बीच वह वहां 11 महीने की होम्योपैथी इंटर्नशिप करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद हदिया को उसके माता-पिता की हिरासत से मुक्त कर दिया था. उससे पढ़ाई पूरी करने के लिए कहा था. कोर्ट पति के साथ जाने देने की हदिया की दरख्वास्त पर फिलहाल राजी नहीं हुई थी.
शिवराज होम्यापैथी मेडिकल कॉलेज परिसर में पहुंचने के शीघ्र बाद उसे प्रबंध निदेशक के कार्यालय में ले जाया गया. वह पीला स्कार्फ डाले हुई थी. करीब आधे घंटे बाद प्रबंध निदेशक के कार्यालय से निकलकर उसने कहा कि उसने अपने पति से मिलने की इजाजत मांगी है. आशा है कि कॉलेज इसकी इजाजत देगा. उसने कहा कि उसके लिए सुरक्षा की जरुरत नहीं है. इसके बाद पुलिस की गाड़ी से उसे छात्रावास ले जाया गया, जो 5 किमी दूर है.
सुप्रीम कोर्ट की ओर से हदिया को पढ़ाई पूरी करने की अनुमति मिलने पर उसके पिता केएम अशोकन के अपनी खुशी जताते हुए कहा कि हमारी बेटी आगे पढ़ सकेगी, इस फैसले का हम स्वागत करते हैं. सुप्रीम कोर्ट में पेशी के दौरान हदिया ने कहा था कि वो पति के साथ रहकर अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती है. उन्होंने कहा कि वह एक धर्म और एक ईश्वर में विश्वास रखते हैं, लेकिन किसी आतंकवादी के साथ नाता नहीं रख सकते.
उन्होंने कहा कि ‘हदिया को सीरिया के बारे में कोई जानकारी नहीं है, वह इस्लाम में परिवर्तित होकर वहीं जाना चाहती थी. मैं नहीं चाहता कि मेरे परिवार में कोई आतंकी हो’. सुप्रीम कोर्ट ने हदिया को होम्योपैथी की पढ़ाई पूरी करने के लिए अभिभावकों के संरक्षण से आजाद कर दिया गया. कोर्ट ने हदिया को तमिलनाडु के सलेम भेजने का आदेश दे दिया, ताकि वह पढ़ाई पूरी कर सके. सर्वोच्च न्यायालय ने हदिया को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया.