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जनता की परेशानी से बेखबर शिवराज सरकार, कई राज्यों ने टैक्स घटाकर पेट्रोल किया सस्ता

ग्वालियर /एक तरफ जहां मध्यप्रदेश में पेट्रोल के भाव सौ रुपये के नजदीक पहुंच गए हैं वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार जनता को कोई भी राहत देने के मूड में दिखाई नहीं दे रही है। अन्य राज्यों की बात की जाए तो  देश के कई राज्यों ने जनता की परेशानी को कम करने पेट्रोल  पर लगाये विविध टैक्स कम करना शुरू कर दिया है इससे जनता को महंगाई से राहत मिली है।

देशभर में पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. मध्य प्रदेश में 9 फरवरी से तेल के दाम लगातार बढ़ रहे है. राजधानी भोपाल सहित इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में आज भी पेट्रोल 36 पैसे और डीजल 38 पैसे मंहगा हो गया है. आज यानि 23 फरवरी 2021, दिन मंगलवार को भोपाल में पेट्रोल 98.96 रुपये प्रति लीटर और डीजल 89.60 रुपये प्रति लीटर के भाव पर पहुंच गया है. बता दें कि 9 फरवरी से तेल के दाम लगातार बढ़ रहे है.

सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल के मुताबिक मंगलवार को इंदौर में पेट्रोल 99.05 रुपये प्रति लीटर और डीजल 89.71 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. तो वहीं जबलपुर में पेट्रोल 99.01 रुपये प्रति लीटर और डीजल 89.67 रुपये प्रति लीटर के भाव पर पहुंच गया है. इसके अलावा ग्वालियर में पेट्रोल 98.93 रुपये प्रति लीटर और डीजल 89.58 रुपये प्रति लीटर के रेट पर बना हुआ है. तेल के दामों में लगातार होते इजाफे से दाम आदमी की परेशानियां बढ़ने लगी है.

4 राज्यों ने घटाया गया वैट

देश में अब ऐसे चार राज्य हो गए हैं जहां की सरकारों ने वैट और दूसरे टैक्स में कटौती कर आम जनता को राहत देना शुरु कर दिया है. पश्चिम बंगाल, असम, राजस्थान और मेघालय में राज्य सरकारों मे पेट्रोल -डीजल पर वैट में कटौती की घोषणा की है. राजस्थान सरकार ने पिछले महीने ही वैट की दर को 38 फीसदी से घटाकर 36 फीसदी कर दिया था. अब इसके बाद चुनावों को देखते हुए पंश्चिम बंगाल सरकार ने पेट्रोल-डीजल के वैट में 1 रुपए की कटौती की है. वहीं असम सरकार ने भी कोविड के तहत लगने वाला 5 रुपए के टैक्स को हटा दिया है. पेट्रोल और डीजल के कीमतों में सबसे ज्यादा कटौती करने वाला राज्य मेघालय बन गया है. मेघालय सरकार ने पेट्रोल पर 7.40 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 7.10 रुपए की कटौती कर दी है. इसके अलावा सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर वैट भी 2 रुपए कम कर दिया है. इसके बाद पेट्रोल और डीजल पर सबसे ज्यादा कटौती करने वाला राज्य मेघालय बन गया है.

सरकार को चाहिए पैसे इसलिए वसूली रही है टैक्स
इससे पहले रविवार को पेट्रोलियम मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान ने बढ़ती कीमत पर कहा कि तेल उत्पादक देशों ने उत्पादन में कटौती कर दिया है. इसके कारण तेल आयात करने वाले देशों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है. प्रधान ने साथ में यह भी कहा कि कोरोना के कारण सरकार का बजट काफी बढ़ गया है. आर्थिक सुधार में तेजी लाने के लिए सरकार ने निवेश बढ़ा दिया है, इसके अलावा कैपिटल स्पेंडिंग को भी 34 फीसदी बढ़ाया गया है. खर्च करने के लिए सरकार को पैसे की जरूरत होती है और इसलिए वह टैक्स कलेक्शन करती है. पेट्रोल डीजल पर केंद्र और राज्य दोनों टैक्स वसूलते हैं. राज्य सरकार भी इस समय खर्च बढ़ा रही है, जिसके कारण उसे भी ज्यादा टैक्स की जरूरत है.

पेट्रोल में 60 फीसदी केवल टैक्स

उससे पहले शनिवार को निर्मला सीतारमण ने चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि पेट्रोल-डीजल के रेट को लेकर मैं खुद धर्म संकट में हूं. सीतारमण ने कहा कि यह एक ऐसा मामला है जिसमें हर कोई एक जवाब सुनना चाहता है कि कीमत में कटौती की जाएगी. यह मामला केंद्र और राज्य दोनों से जुड़ा है, इसलिए दोनों सरकार को मिलकर इस बारे में सोचना चाहिए और समस्या का हल करना चाहिए. वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि तेल उत्पादक देशों ने कहा है कि उत्पादन में अभी और कमी आने वाली है. इससे पेट्रोल की कीमत पर दबाव बढ़ेगा और कीमत में तेजी आएगी. वर्तमान में पेट्रोल की कीमत (रिटेल रेट) में 60 फीसदी और डीजल की कीमत में 54 फीसदी तक टैक्स होता है जिसमें केंद्र और राज्य दोनों का हिस्सा होता है.

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