ग्वालियर /मध्यप्रदेश में कोरोना की रफ्तार काबू नहीं हो रही है। सरकार ने भोपाल के बाद ग्वालियर में भी 7 दिन का लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया है। ग्वालियर में 15 अप्रैल की सुबह 6 बजे से 22 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन रहेगा। ग्वालियर में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आज प्रातः क्राइसेस मैनेजमेंट ग्रुप की आपात बैठक बुलाई थी इसमें सभी की सहमति से 15 अप्रैल से लॉक डाउन का निर्णय लिया गया।
राज्य में मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही संसाधन खत्म होते जा रहे हैं। इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार के लिए भी इंतजार करना पड़ रहा है। चिताएं ठंडी होने से पहले ही दूसरे शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
ग्वालियर में सबसे ज्यादा 33% संक्रमण दर
ग्वालियर में सैंपल देने वाला हर तीसरा व्यक्ति पॉजिटिव मिल रहा है। 24 घंटे में 576 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं, जबकि 1,741 सैंपल की जांच हुई है। प्रदेश में सबसे ज्यादा संक्रमण दर 33% यहीं पर है। सिर्फ पांच दिन में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 20,000 से बढ़कर 22,000 के पार हो गया है। एक्टिव केस 2,939 हो गए हैं।
सोमवार को 50 जगहों पर माइक्रो कंटेनमेंट जोन और 3 वार्डों के 25 मोहल्ला और कॉलोनियों को 19 अप्रैल तक कंटेनमेंट जोन बना दिया गया था। सोमवार शाम को जिला प्रशासन ने सभी धार्मिक स्थलों और संस्थानों में आम लोगों की एंट्री पर रोक लगाई थी। कोचिंग क्लासेस बंद करने का आदेश भी दे दिया था।
इन 4 बडे़ शहरों में 24 घंटे में कोरोना के 4,136 नए केस आए हैं और 21 लोगों की मौतें हुई हैं। इंदौर में सबसे ज्यादा 1,552 संक्रमित मिले हैं और 6 मौतें हुई हैं। भोपाल में 1,456 नए केस और 5 मौत हुई हैं। ग्वालियर में 576 संक्रमित मिले जबकि 6 लोगों की जान गई। जबलपुर में 552 नए मरीज मिले और 4 की मौत हो गई। ग्वालियर में संक्रमण दर सबसे ज्यादा 33% और भोपाल में 28% है। पूरे राज्य का आंकड़ा देखें तो सोमवार को 8998 लोग संक्रमित पाए गए। पॉजिटिविटी रेट भी बढ़कर 19% हो गया है।
जबलपुर के चौहानी श्मशान घाट में सोमवार को 30 कोरोना संक्रमितों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया। प्रशासन के रिकॉर्ड में 2 दिन में 8 मौतें हुई हैं। वहीं दो कोरोना संदिग्ध शवों का अंतिम संस्कार किया गया। कई शवों को मेडिकल कॉलेज समेत निजी अस्पतालों में रोकना पड़ा। मोक्ष संस्था के आशीष ठाकुर के मुताबिक एक चिता जलाने के बाद उसे ठंडा होने में वक्त लगता है, पर चौहानी श्मशान घाट में एक चिता की लपटें बुझते ही दूसरी चिता सजानी पड़ रही है।
यही स्थिति भोपाल के भदभदा विश्राम घाट की है। यहां सोमवार को 41 कोरोना संक्रमितों के शव पहुंचे। जलाने के लिए जगह ही नहीं थी। जलती चिताओं के बीच बेहद नजदीक दूसरी चिताएं सजाई जा रही थीं। इंदौर के 5 श्मशान घाटों में 12 दिन में 990 अंतिम संस्कार किए गए हैं, जिसमें से 319 कोरोना संक्रमितों के शव थे। यहां भी अंतिम संस्कार के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।