Homeदेशसच में वे हमारे भगवान हैं उन्हें भला बुरा मत कहो

सच में वे हमारे भगवान हैं उन्हें भला बुरा मत कहो

अपनी जान देकर दूसरों की प्राण रक्षा करके हमारे देश के डॉक्टरों ने पूरी दुनिया ले सामने अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। एक दिन में ही जहां 50 डॉक्टरों ने दूसरों की कोरोना से रक्षा करते हुए इसी संक्रमित बीमारी से अपने प्राण त्याग दिए। एक साल के कोरोनकाल में अब तक भारत के 244 चिकित्सकों ने अपनी जान  दी है।

दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल के 26 वर्षीय जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर अनस मुजाहिद की कोरोना टेस्ट में पॉजिटिव आने के कुछ घंटों के बाद ही मौत हो गई।

कोरोना की दूसरी लहर में अब तक 269 डॉक्टरों की मौत हो चुकी है. यह दावा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने किया. आईएमए ने डॉक्टरों की मौत का राज्यवार आंकड़ा जारी किया है. हालांकि, पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर में कम डॉक्टरों की मौत हुई है. कोरोना की पहली लहर में देश ने 748 डॉक्टरों को खो दिया था.

आईएमए की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, दूसरी लहर के दौरान सबसे अधिक डॉक्टरों की जान बिहार में गई है. यहां 78 डॉक्टरों की मौत हुई. इसके बाद उत्तर प्रदेश का नंबर आता है. यहां 37 डॉक्टरों की मौत हुई. दिल्ली में दूसरी लहर के दौरान 28 डॉक्टरों की मौत हुई है. वहीं आंध्र प्रदेश में भी 22 डॉक्टरों की मौत हुई है.

देश में कोरोना संकट के चलते महज एक दिन में ही 50 डॉक्टरों की मौत का मामला सामने आया है। भारत में इस साल आई कोरोना की दूसरी लहर में अब तक 244 डॉक्टर जान गंवा चुके हैं। इससे पहले बीते साल कोरोना की पहली लहर में देश में 736 चिकित्सकों की मौत हो गई थी। इस तरह कोरोना के चलते अब तक देश में 1,000 डॉक्टरों की मौत हो चुकी है। मुजाहिद के परिवार में उनके माता-पिता और चार भाई-बहन हैं। मुजाहिद की मौत को एक सप्ताह गुजर गया है, लेकिन उनके दोस्त और सहकर्मी डॉ. आमिर सोहैल अब भी इस घटना पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं।

मुजाहिद को कोरोना के मामूली लक्षण नजर आ रहे थे। उनके गले में जलन थी और रैपिड एंटीजन टेस्ट में कोरोना पॉजिटिव आए थे। इस कुछ घंटों के बाद ही उनकी मौत हो गई। मुजाहिद को कोरोना का टीका भी नहीं लगा था। डॉ. आमिर सोहैल ने कहा, ‘यह बड़ा झटका था। उसके भीतर कोरोना के कोई गंभीर लक्षण नहीं थे। उसके पैरेंट्स ने भी बताया है कि उसे कभी कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं हुई थी। हम खुद भी नहीं समझ पा रहे हैं कि आखिर ऐसा कैसे हुआ।’ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के मुताबिक के मुताबिक इस साल कोरोना संकट में 244 चिकित्सकों की मौत हो चुकी है।

सिर्फ इस रविवार को ही एक दिन में कोरोना के चलते 50 डॉक्टरों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा बिहार में 69 डॉक्टरों की मौत हुई है। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 34 और दिल्ली में 27 डॉक्टरों की मौत हुई है। इनमें से 3 फीसदी डॉक्टर ही ऐसे थे, जिन्होंने कोरोना टीके की पूरी डोज ली थी। भारत में टीकाकरण की शुरुआत हुए 5 महीने का वक्त गुजर गया है और अब भी देश में सिर्फ 66 फीसदी हेल्थवर्कर्स को ही टीका लगा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का कहना है कि उसकी ओर से लगातार डॉक्टरों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे टीका लगवा लें।

IMA के पूर्व अध्यक्ष का भी निधन कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ही हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट और IMA (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के पूर्व प्रेसिडेंट पद्मश्री डॉ केके अग्रवाल का सोमवार रात 11.30 बजे निधन हो गया. पिछले कई दिनों से डॉ. केके अग्रवाल कोरोना से जंग लड़ रहे थे.

IMA की अपील, सभी डॉक्टर और हेल्थवर्कर लगवाएं टीका
आईएमए के महासचिव डॉ. जयेश लेले ने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि रविवार को हमने 50 डॉक्टरों को खो दिया। अप्रैल के पहले सप्ताह से अब तक 244 लोगों की मौत हो चुकी है।’ उन्होंने कहा कि अब भी ऐसे बहुत से डॉक्टर हैं, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन नहीं ली है। उन्होंने कहा कि हमारी ओर से पूरा प्रयास किया जा रहा है कि सभी हेल्थवर्कर्स को टीका लगाया जाए।

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