राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत को शीर्ष ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है
ग्वालियर /दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर्वोच्च सरसंघचालक पद पर आसीन डॉ मोहन भागवत अपने तीन दिन के प्रवास पर 26 नवम्बर को ग्वालियर पहुंचने वाले हैं। इसको लेकर जहां स्थानीय स्तर पर आरएसएस के स्वयंसेवक सक्रीयता के साथ तैयारियों में जुटे हैं वहीं आरएसएस सुप्रीमों के ग्वालियर विजिट को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट पर आ गई हैं। विदित हो कि श्री भागवत ग्वालियर में शिवपुरी लिंक रोड स्थित आरएसएस विचारों से संचालित केदारपुर स्वरस्वती शिशु मंदिर में लगने जा रहे स्वर साधक संगम में बतौर मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त उनका एक कार्यक्रम जीवाजी विश्वविद्यालय सभागार में भी प्रस्तावित है। चूंकि ग्वालियर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्यालय राष्ट्रोत्थान न्यास नई सड़क पर स्थित है जैसी की संघ परंपरा है कि सरसंघचालक जिस स्थान पर प्रवास पर रहते हैं वहां कई संगठनात्मक गतिविधियों भी संचालित होती हैं । इन सब बातों को दृष्टिगत रखते हुए उनकी सुरक्षा में तैनात बल के अधिकारियों ने यहां का मौका मुआयना पूर्ण कर लिया है और सुरक्षा की रणनीति भी तय कर ली है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत को शीर्ष ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ सँभालता है।
अधिकारियों ने कहा कि नागपुर में आरएसएस मुख्यालय में रहने तथा महाराष्ट्र या देश में किसी अन्य जगह जाने पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) का दस्ता भागवत को सुरक्षा देता है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, सीआईएसएफ के विशेष सुरक्षा समूह को वीवीआईपी श्रेणी में आने वाले श्री भागवत की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है, क्योंकि इस संबंध में एक खतरे का विश्लेषण करके जरूरी लगा कि भागवत की सुरक्षा एक प्रशिक्षित टीम द्वारा की जाए। 2015 तक तक उन्हें महाराष्ट्र पुलिस की इकाइयों और इसकी सैन्य रिजर्व इकाइयों द्वारा सुरक्षा मुहैया कराई जा रही थी।
इस सुरक्षा कवर के तहत, आरएसएस के सरसंघचालक को करीब 60 कमांडो 24 घंटे सुरक्षा देते हैं। सीआईएसएफ की वीवीआईपी कमांडो इकाई के पास एके शृंखला की राइफलों जैसे अत्याधुनिक हथियार तथा संचार एवं विस्फोट निरोधक कार्यों के लिए आधुनिकतम साजो सामान रहता हैं।
सूत्रों ने कहा कि यह शीर्ष दस्ता भागवत के आवास की सुरक्षा जिम्मेदारी संभालेगा और ‘जेड प्लस’ सुरक्षा के नियमों के तहत उनके काफिले के वाहनों पर भी नजर रखेगा।
संघ स्वयंसेवक भी रहते हैं सुरक्षा में
भले ही आरएसएस प्रमुख को देश में जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ सँभालता है लेकिन एक आश्चर्यजनक बात यह भी है कि अपने सरसंघचालक की सुरक्षा को लेकर सघ स्वयंसेवक भी बेहद चौकन्ने रहते हैं। इसके लिए शारिरीक रूप से दक्ष स्वयंसेवको को योजनानुसार तेनात किया जाता है।
जेड प्लस सुरक्षा पाने वाले पहले गैर राजनीतिक व्यक्ति
भागवत देश के पहले ऐसे गैर राजनीतिक व्यक्ति हैं जिन्हें इस तरह की सुरक्षा दी जा रही है। खास बात यह है कि भागवत किसी संवैधानिक पद पर भी नहीं हैं।
आतंकी संगठनों की हिट लिस्ट में है भागवत
2006 में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा द्वारा नागपुर स्थित संघ मुख्यालय पर हमला हुआ था। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक सिक्योरिटी एजेंसियों द्वारा की गई समीक्षा से इस बात का पता चला है कि भागवत कुछ संगठनों की हिट लिस्ट में है। जिसके बाद उन्हें z प्लस सुरक्षा दी गई है।