ग्वालियर /ग्वालियर अंचल का सबसे बड़ा जयारोग्य चिकित्सालय समूह कोरोना संक्रमण का सबसे बड़ा हॉट स्पॉट बन गया है । यहां ड्यूटी पर तैनात एक सैकड़ा से अधिक जूनियर डॉक्टर व बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मचारियों के कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद यहां की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। इस बारे में shabd shakti news से चर्चा करते हुए गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ समीर गुप्ता ने जयारोग्य में बड़े स्तर पर जुनियर डाक्टरों के कोरोना संक्रमित होने और इसका असर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि संक्रमित हुए डाक्टरों को उनके घरों या फिर हॉस्टल में ही आइसोलेट किया गया है। संक्रमण के पीछे रेपिड एंटीजन टेस्ट बंद होने को लेकर अधिष्ठाता ने कहा कि यह निर्णय उच्च दिशा निर्देशों के बाद लिया गया है। हालांकि डॉ गुप्ता ने कहा कि जो डॉक्टर सर्जरी ,ऑपरेशन आदि में अपनी सेवाएं दे रहे हैं उनका रेपिड एंटीजन टेस्ट हम करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी शहर में कोरोना संक्रमण नियंत्रण में होने व अधिकांश संकृमितों के अस्पताल में भर्ती न होने की वजह से जयारोग्य में भी हालात नियंत्रण में हैं बावजूद इसके डॉ गुप्ता ने कहा कि हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
जानकारी के अनुसार गजराराजा मेडिकल कॉलेज व उससे सम्बद्ध जयारोग्य चिकित्सालय के जूनियर डॉक्टर तेजी से कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। यहां GRMC के 220 में से 110 जूनियर डॉक्टर कोरोना की चपेट में आ गए हैं। यह सभी डॉक्टर जयारोग्य अस्पताल में तैनात बताए गए हैं।इन 110 जूनियर डॉक्टर में मेडिसिन और स्त्री रोग विभाग के 40 जूनियर डॉक्टर कोरोना संक्रमित निकले, ENT के 12, चाइल्ड डिपार्टमेंट में 10 डॉक्टर कोरोना की चपेट में हैं । विशेषज्ञों के मुताबिक डाक्टरों में तेजी से फैलते कोरोना संक्रमण के पीछे की मुख्य वजह अस्पताल में आने वाले मरीज़ों का रेपिड एंटीजन टेस्ट बंद होना है। इस वजह से इलाज में जुटे जूनियर डाक्टरों को संक्रमण का पता नहीं चल पा रहा है परिणाम स्वरूप डॉक्टर्स में संक्रमण बढ़ रहा है। उल्लेखनीय है कि यहां पिछले एक सप्ताह से बंद है रेपिड टेस्ट मरीज़ों का रेपिड एंटीजन टेस्ट न होने से सम्पर्क में आने वाले डॉक्टर संक्रमित हो रहे हैं।