केन्द्रीय मंत्री तोमर श्रीमद्भागवत शीश पर धारण कर नंगे पैर 2 किमी तक चले
ग्वालियर संसदीय क्षेत्र का विधानसभा क्षेत्र डबरा आज भक्तिमय हो गया. आरंभ में शुगरगेट चौराहे स्थित सन्यास आश्रम पर राष्ट्रसंत माँ कनकेश्वरी देवी जी, केन्द्रीय मंत्री-मुख्य पारीक्षित श्री नरेन्द्र सिंह जी तोमर, उनकी धर्मपत्नि श्रीमति किरण सिंह जी, बहिन श्रीमति मंजू सिंह,ज्येष्ठ पुत्र-हांकी इंडिया के वाइस प्रेसीडेंट देवेन्द्र प्रताप सिंह तोमर *रामू* आदि ने पूजा-अर्चना की. तदुपरांत शुगर गेट चौराहा भितरवार डबरा से कलश यात्रा निकाली गई जो 2 किमी.की यात्रा पूरी करते हुए कथा स्थल स्टेडियम ग्राउंड पर पहुंची।
इस अवसर पर ग्वालियर के सांसद व केंद्रीय मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर तथा उनकी धर्मपत्नि श्रीमति किरण सिंह मुख्य यजमान के रूप में कलश यात्रा में शामिल हुए एवं अपने शीश पर श्रीमद भागवत को धारण कर *नंगे पैर* कथा स्थल तक पहुंचे। मार्ग में नागरिकों ने पुष्पवर्षा की. सबसे आगे घुड़सवार, उनके पीछे ढोल-ढमाके.
सन्यास आश्रम से शुरू हुई कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं पीत वस्त्र धारण कर भक्ति भाव में लीन होकर शामिल हुई।इस अवसर पर महिलाओं ने 51 सौ कलश अपने सिर पर रखकर श्रीमद् भागवत कथा यज्ञ में अपनी भागीदारी की. इस विहृंगम दृश्य को देखने के लिए डबरा नगर साक्षी बना। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग और अन्य जन बड़ी संख्या में कलश यात्रा में मौजूद थे।
कलश यात्रा के कथास्थल पर पहुंचने के बाद कथा के मुख्य पारीक्षत, केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह जी तोमर ने कलश यात्रा में भाग लेनेवाली नारी शक्ति का स्वागत करते हुए कथा के लिए समय देने हेतु राष्ट्रसंत माँ कनकेश्वरी देवी जी का अभिनंदन करते हुए आभार व्यक्त किया तथा प्रतिदिन 12:30 से शाम 4:30 बजे तक होनेवाली कथा का रसपान करने का आग्रह किया.
राष्ट्रसंत माँ कनकेश्वरी जी का संदेश
कथा के पहले दिन कथा की शुरुआत करते हुए राष्ट्रसंत माँ कनकेश्वरी जी ने कथा आयोजन का माध्यम केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर को बताते हुए कहा कि-
*मानव जीवन का लक्ष्य एक होना चाहिए. क्योंकि जब तक लक्ष्य नहीं होगा, तब तक आप अपने जीवन को धन्य नही बना सकते. माँ-बाप जन्म देते हैं और ग्रंथ जीवन देते हैं. जीवन में क्या करना है क्या नही करना है ? जब तक आप तय नहीं करोगे, तब तक आप अपने लक्ष्य को नही पा सकते हैं। आप स्टेशन पर बैठे हुए हैं और आपको यह पता नहीं है कि कहां जाना है ? कौन सी रेलगाड़ी मैं बैठना है ? तब तक आप रेलगाड़ी में नहीं बैठ सकते. मानव जीवन में ग्रंथों का बहुत महत्व है श्री मद भागवत कथा के सात दिन श्रवण करने माञ से जीवन का उद्धार होता है। चुनाव के दौरान नेता आपको एेसा रस पिलाते हैं जिसका कोई महत्व नहीं होता है. लेकिन कुछ ही एेसे नेता होते हैं जो भागवत कथा का रस पिलाकर जीवन का उद्धार करते हैं। आप किसी का सम्मान हाथ जोड़कर या सिर झुकाकर करते हैं, जो यह सम्मान नहीं है, बल्कि मन, क्रम वचन और आत्मा, से सम्मान करते हैं तो सम्मान कहलाता है.*
कलशयात्रा का सयोंजन श्री वीरेन्द्र जैन, दीपक माहौर, धर्मेंद्र गुर्जर, हेमंत रावत,के के सोनी, राजू नारंग आदि ने किया.
इस अवसर पर संसदीय कार्यमंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा, साडा अध्यक्ष श्री राकेश जादौन, कमल माखीजानी, अशोक जैन एवं दीपक शर्मा आदि भी शामिल रहे.