क्या बड़े से बड़ा कोई नोकरशाह सत्तापक्ष से जुड़े किसी सांसद का अपमान या अनदेखी कर सकता है ? सामान्यतः इसका जवाब यही होगा कि ऐसा कदापि सम्भव नहीं , लेकिन मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में पिछले कई माह से कलेक्टर के ओहदे पर विराजमान एक नोकरशाह लगातार इस कारनामे को अंजाम दे रहा है। आश्चर्य की बात तो यह है कि कलेक्टर साहब की यह दबंगई जिस सांसद के सामने पेश आ रही है उनका सम्बन्ध देश में सत्तासीन राजनीतिक दल भाजपा से है। यह नाम मध्यप्रदेश की राजनीति के कद्दावर नेता पूर्व मंत्री तथा अटलजी के भानजे अनूप मिश्रा का है। श्री मिश्रा इसके खिलाफ अपने तमाम समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री से भी मिल चुके हैं यहां तक कि उन्होंने लोकसभा में भी कलेक्टर की कारगुजारियों के कारण मोदी सरकार की नीतियों को हो रहे नुकसान का हवाला देकर विरोध के स्वर बुलंद किये ,मीडिया में भी सार्वजनिक रूप से बगावती तेवर दिखाए लेकिन कलेक्टर साहब का बाल भी बांका नहीं कर सके।
सोमवार को एक बार फिर मुरैना सहित पूरे अंचल में अनूप मिश्रा की अनदेखी का एक और मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। सोमवार को मुरैना में देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ,केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह सहित तमाम दिग्गज स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने जुटे थे। लेकिन इसमें अनूप मिश्रा कहीं दिखाई नहीं दिए।
इसके पीछे की वजह यह बताई जा रही है कि कलेक्टर द्वारा न तो कार्यक्रमों के लिए लगाए गए होडिंग बेनर आदि पर अनूप मिश्रा का नाम और फोटो चस्पा किया गया और न ही सम्मानपूर्वक उनके घर आमंत्रण पत्र ही भेजा गया । परिणामस्वरूप श्री मिश्रा ने अघोषित रूप से कार्यक्रमों का बहिष्कार कर दिया।