ग्वालियर में शनिवार के हुए मतदान में ओवर ऑल पूरे जिले में 65.9 फीसदी वोट दोपहर 3 बजे तक मतदान समाप्ति के बाद तक हो चुके थे। इनमें 70.2 फीसदी वोट महिलाओं के हैं, जबकि महिलाओं के मुकाबले पुरुषों ने 62.2 फीसदी वोट डाले हैं। ग्वालियर जिला पंचायत के 13 वार्ड के सदस्य चुनने के लिए मतदान शनिवार को हुआ है।
ग्वालियर जिला पंचायत का चुनाव हमेशा ही रोचक होता है। यहां से जीत के बाद ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा की दावेदारी का मौका बढ़ जाता है। इसलिए भी यह चुनाव भाजपा, कांग्रेस व अन्य दलों के नेताओं के लिए खास हो जाता है। जिला पंचायत सदस्य चुनने लोग सड़कों पर जोश में निकले हैं। तीन बजे के बाद मतदान केन्द्र के दरवाजे बंद कर दिए। कई गांव में मतदान के लिए बाद में पहुंचे लोग हंगामा करते नजर आए।
जिले में 65.9 फीसदी मतदान हो चुका है। इसमें महिला वोटर्स ने ज्यादा वोट डाले है। इसमें महिलाओं काे वोटिंग प्रतिशत 70.2% है तो पुरुषों का 62.2% है। महिलाओं में मतदान को लेकर उत्साह ज्यादा है।- इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है। ग्वालियर जिला पंचायत में 13 वार्ड हैं। इनमें से दो वार्ड नंबर 3 और 7 अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हैं, जबकि वार्ड नंबर 9 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इन तीन वार्ड में से जीती महिला ही अध्यक्ष के लिए दावेदार होगी।
अध्यक्ष के लिए होती है जोरदार लॉबिंग
ग्वालियर में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए घमासान काफी रोचक होता है। साल 2015 में भाजपा के दबंग नेता व ओबीसी वर्ग के चेहरे भुजबल सिंह यादव की पत्नी मनीषा भुजबल सिंह और कांग्रेस के कदावर नेता साहब सिंह गुर्जर के बीच सीधी फाइट हुई थी। इसमें 13 जिला पंचायत सदस्यों पर सारा दरोमदार था। आखिर में मनीषा भुजबल यादव ने बाजी मार ली थी। खबर तो यहां तक भी थी कि दोनों में से एक दल ने एक-एक सदस्य को वोट करने के बदले स्कॉर्पियो कार भेंट करने का ऑफर तक दिया था।
जिला पंचायत सदस्य निर्वाचन क्षेत्र के आरक्षण की प्रक्रिया विधिवत होने के बाद जो तस्वीर सामने आई है, उसके अनुसार जिला पंचायत सदस्य वार्ड-1 अनारक्षित महिला के लिए, वार्ड-2 अन्य पिछड़ा वर्ग महिला, वार्ड-3 अनुसूचित जाति महिला, वार्ड-4 अनारक्षित महिला, वार्ड-5 अनारक्षित महिला, वार्ड-6 अनुसूचित जनजाति महिला, वार्ड-7 अनुसूचित जाति महिला, वार्ड-8 अनारक्षित, वार्ड-9 अनुसूचित जाति, वार्ड-10 अनारक्षित महिला, वार्ड-11 अनारक्षित, वार्ड-12 अन्य पिछड़ा वर्ग एवं वार्ड-13 अनारक्षित रहा है।