कहा अटल जी की भावनाओं के भी प्रतिकूल था यह भूमि पूजन” इस कारण शामिल न होने का निर्णय लेना पड़ा
ग्वालियर / हिंदी साहित्य सभा के पूर्व-अध्यक्ष एवं भारतरत्न श्री अटल जी के कवि-मित्र, बरिष्ठ
साहित्यकार शैवाल सत्यार्थी इस बात को लेकर व्यथित हैं कि ग्वालियर में बनने वाले हिंदी भवन का भूमि पूजन किसी साहित्यकार के हाथों नहीं कराया गया, उल्लेखनीय है कि 24 जून को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ग्वालियर में हिंदी भवन का भूमि पूजन किया था।
वरिष्ठ साहित्यकार शैवाल सत्यार्थी ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर लिखा कि
“मेरे विचार से, सभा के हिन्दी-भवन का यह
भूमि-पूजन, किसी साहित्यकार के हाथों से संपन्न होना चाहिए था । कारण, ग्वालियर का यह सर्वाधिक गौरवपूर्ण आयोजन था !
अपने विचार को अधिक स्पष्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि “प्रदेश और देश में, महान् साहित्यकारों का।अभाव नहीं है । विश्वास पूर्वक कह सकता हूँ कि — आज यदि अटल जी होते, तो वे स्वयं यह पवित्र कार्य करते, और या किसी अन्य साहित्यकार से ही करवाते । दुर्भाग्य किन्तु, ऐसा हुआ नहीं, श्री सत्यार्थी ने लिखा कि इस वजह से व्यथित होकर आयोजन में — सम्मिलित न होने का अप्रिय एवं कठोर निर्णय मुझे लेना पड़ा ।