बांग्लादेश में तख्ता पलट होने के बाद पाकिस्तान समर्थित भारत विरोधी ताकतें पूरी तरह सक्रीय हो गईं हैं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक छात्र आंदोलन की आड़ में अब अल्पसंख्यक हिन्दुओं पर isis की भारत विरोधी रणनीति सामने आ गई है। इसी के चलते बांग्लादेश की जेलों में बंद 600 खतरनाक आतंकियों कैदियों को हिंसा करने वालों ने छुड़ा लिया है और इसे भी हिंदुओं पर हमले का सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा माना जा रहा है । यहां हिंसक भीड़ हिंदुओं को लगातार निशाना बना रही हैं बांग्ला देश का बड़ा इस्कॉन मंदिर तहस नहस कर दिया कई अन्य मंदिरों में भी तोड़ फोड़ की गई है घरों में आगजनी मारपीट हो रही है सूत्रों का कहना है कि लाखों की संख्या में हिन्दू भारत में पलायन करने सीमा की और बढ़ गए हैं ।
बांग्लादेश में हिंसा और आगजनी के बीच अब उपद्रवियों ने अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया. भीड़ चुन-चुनकर हिंदुओं को निशाना बना रही है. घरों में आग लगाई जा रही है. दुकानों को लूटा जा रहा है. इस बीच बांग्लादेश के मेहरपुर इस्कॉन मंदिर की तस्वीरें सामने आई हैं. दंगाइयों ने तोड़फोड़ करने के बाद इस मंदिर को आग के हवाले कर दिया.
बांग्लादेशी मीडिया द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक 27 जिलों में हिंदुओं के घरों और दुकानों को निशाना बनाया गया है. कीमती सामान को लूटा गया है. मंदिरों पर भी हमले किए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक लालमोनिरहाट सदर उपजिले में धार्मिक हिंदू कार्यों से जुड़े पूजा समिति के सचिव प्रदीप चंद्र रॉय के घर में तोड़फोड़ और लूटपाट की गई है.
दंगाइयों ने नगरपालिका सदस्य मुहिन रॉय की कंप्यूटर दुकान में भी तोड़फोड़ करने के साथ लूटपाट की है. कालीगंज उपजिला के चंद्रपुर गांव में 4 हिंदू परिवारों के घरों में तोड़फोड़ और लूटपाट की गई है. हातिबंधा उपजिला के पुरबो सरदुबी गांव में 12 हिंदुओं के घरों में आग लगा दी गई है.
बांग्लादेश हिंदू-बुद्ध ईसाई परिषद के महासचिव उत्तम कुमार रॉय ने बताया कि खानसामा उपजिला में तीन हिंदुओं के घरों पर हमला किया गया. लक्ष्मीपुर में गौतम मजूमदार ने बताया कि शाम साढ़े सात बजे 200-300 से ज्यादा हमलावरों ने उनकी दो मंजिला इमारत में आग लगा दी.
इस्कॉन मंदिर पर हमले के बाद चटगांव इस्कॉन पुंडरीक धाम के अध्यक्ष चिन्मय कृष्णन दास का बयान आया है. उन्होंने कहा है कि शेख हसीना के भारत जाने के बाद हिंदू मंदिरों पर हमले शुरू हो गए हैं. उन्होंने आगे बताया,’मेहरपुर इस्कॉन मंदिर पर हमला किया गया, आधी रात को भीड़ ने तोड़फोड़ की. चटगांव में तीन मंदिर खतरे में हैं. हिंदू समुदाय और कुछ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मंदिरों की रक्षा की है. चटगांव में पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स से मदद मांगी गई है. वे खुद ही वेश बदलकर भाग रहे हैं. हिंदू और अल्पसंख्यक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. कई लोग पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के रास्ते भारत भाग रहे हैं. सेना स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है.’
इस बीच, पूरे बांग्लादेश से हिंदुओं और हिंदू मंदिरों पर हमले की सूचनाएं आ रही हैं। खुलना डिवीजन स्थित मेहरपुर के इस्कॉन मंदिर में तोड़फोड़ की गई और आग लगा दी गई।
इस्कॉन के प्रवक्ता युधिष्ठिर गोविंदा दास ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा, ‘मेहरपुर में हमारे इस्कॉन केंद्रों में से एक को जला दिया गया था, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा देवी की मूर्तियां थी। वहां रह रहे तीन भक्त किसी तरह भागने में सफल रहे।’
बांग्लादेश में हिंदुओं को पहले ही निशाना बनाया जा रहा था। अब तख्तापलट के बाद यह अत्याचार बढ़ गया है। हिंदू धर्म स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद ने बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है…