Homeखेलआखिर अचानक कहां खो गए महाआर्यमन सिंधिया

आखिर अचानक कहां खो गए महाआर्यमन सिंधिया

प्रवीण दुबे

बांग्लादेश के साथ ग्वालियर में होने वाले टी20 क्रिकेट मैच को लेकर क्या महाआर्यमन सिंधिया को एक सोची समझी योजना के अनुसार बैकफुट पर कर दिया गया है ?

आखिर क्या कारण है 13 अगस्त की शाम बीसीसीआई द्वारा ग्वालियर में टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच की घोषणा के तुरंत बाद बेहद उत्साहित होकर प्रेस वार्ता करने वाले महाआर्यमन अब अचानक पूरी पिक्चर से गायब क्यों हो गए हैं?

जानकारों की माने तो इसके पीछे की मुख्य वजह बांग्लादेश के हिंदू विरोधी कृत्यों के कारण उसके खिलाफ ग्वालियर ही नहीं पूरे देश में हो रहा विरोध प्रमुख कारण है।

सर्वविदित है कि पिछले विधानसभा चुनाव से लेकर लोकसभा चुनावों तक बल्कि और पहले से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने एकमात्र वारिस महाआर्यमन सिंधिया को पूरी प्लानिंग के साथ फ्रंट में लाने का कार्य कर रहे हैं ।

कई सामाजिक राजनीतिक मौकों पर महाआर्यमन की मैच्योरिटी को ग्वालियर से लेकर दिल्ली तक सामने लाने का कार्य किया गया है।

इस क्रम में जीडीसीए से जुड़ी टीम सिंधिया भी महाआर्यमन को एक चेहरे के रूप में प्रस्तुत करती रही है। मध्यप्रदेश क्रिकेट लीग का आयोजन में भी महाआर्यमन को प्रभावी किरदार में देखा गया था।

ग्वालियर के नए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण और 14 साल बाद ग्वालियर को मिले अंतरराष्ट्रीय मैच की घोषणा के साथ ही महाआर्यमन को आगे किया गया था और चंद घंटे बाद ही जीडीसीए के माध्यम से महल में महाआर्यमन की प्रेस वार्ता आयोजित करके यह मैसेज देने की कोशिश की गई कि यह पूरा आयोजन महाआर्यमन के निर्देशन में होने वाला है।

लेकिन इसे दुर्भाग्य ही कहा जायेगा कि जिस मैच की जानकारी घोषणा के तुरंत बाद ही केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महा आर्यमन सिंधिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्साह के साथ दी. इसके कुछ देर बाद ही हिंदू महासभा ने इस क्रिकेट मैच का विरोध करने का ऐलान करते हुए हड़कंप मचा दिया.

हिंदू महासभा ने साफ तौर पर इस बात का ऐलान किया है, कि अगर ग्वालियर में इंडिया और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट मैच हुआ तो, उसका भरपूर विरोध किया जाएगा. हिंदू महासभा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस बात की अपील की थी कि वह ग्वालियर में होने जा रहे इंडिया बांग्लादेश क्रिकेट मैच को निरस्त करें.

शुरुआत में यह माना जा रहा था कि विरोध के स्वर कुछ दिनों में ठंडे हो जायेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ और सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में बांग्लादेश के साथ मैच खेलने की निंदा शुरू हो गई।

चूंकि मामला हिंदू और हिंदुत्व पर हिंसाचार करने वाले मुल्क के विरोध से जुड़ा था और इस मामले में उस विचारधारा वाले राजनीतिक दल से संबंध रखने वाले लोगों की बड़ी संख्या भी दिखाई दी जिससे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जुड़े हैं ऐसे में जनता और खासकर उस विचारधारा के एक बड़े वर्ग के आक्रोश का असर मैच को लेकर अत्यधिक सक्रियता दिखाने वाले महाआर्यमन पर भी पड़ने का खतरा मंडरा उठा।

चूंकि महाआर्यमन की अभी राजनीति में आने की प्री लॉन्चिंग स्टेज है अतः हिंदू,हिंदुत्व से जुड़े मुद्दे पर उनकी छवि नहीं बिगड़े इस कारण बड़ी चतुराई से उन्हें इस आयोजन के फ्रंट फुट से बैक फुट पर कर दिया गया है।
Praveen dubey @ shabd shakti news

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