प्रवीण दुबे
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विचार परिवार से जुड़े बजरंगदल द्वारा बीसीसीआई से बांग्लादेश के साथ जारी क्रिकेट सीरीज को रद्द करने की बात कहे जाने के बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या बीसीसीआई बजरंग दल की इस मांग को तवज्जो नहीं दे रहा है ? यह सवाल इस कारण और महत्वपूर्ण हो गया है क्यों कि बीसीसीआई के अध्यक्ष की कुर्सी पर उसी विचार परिवार से ताल्लुकात रखने वाली सत्ताधारी दल भाजपा के सबसे ताकतवर नेताओं में से एक अमित शाह के पुत्र जय शाह काबिज हैं। इस घटनाक्रम के बाद यह कहा जा सकता है कि बजरंगदल और बीसीसीआई आमने सामने आ गए हैं और पूरे विचार परिवार में बीसीसीआई के अड़ियल रवैए को लेकर नाराजी देखी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को रात बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज दौनेरिया उसी ग्वालियर शहर में पहुंचे जहां एक दिन बाद भारत और बांग्लादेश के बीच टी20 मैच खेला जाना है। यहां बताना उपयुक्त होगा कि इस मैच में बांग्लादेश टीम के खिलाफ खेलने का पिछले एक माह से विरोध हो रहा है और बीते दिनों में विरोध के हालात इस कदर गंभीर हो गए हैं कि पुलिस प्रशासन को यहां धारा 163 लगानी पड़ी और संगठनों के लोगों की गिरफ़्तारियां भी हुई हैं ।
इस सरगर्म माहौल के बीच बजरंगदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के ग्वालियर पहुंचने के बाद माहौल और जोशीला हो गया । यहां पहुंचने के साथ ही बजरंगदल ने सीधे सीधे बीसीसीआई को निशाने पर लेते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर तमाम बर्बरताओं के बावजूद बीसीसीआई द्वारा बांग्लादेश के साथ मत कराया जाना हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का विषय है। करोड़ों हिंदू इससे आहत है।
बजरंगदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा खुले तौर पर यह आव्हान किया गया है कि ग्वालियर की जनता यहां बांग्लादेश के साथ होने वाले क्रिकेट मैच का बहिष्कार करे,इस मैच को रद्द कराने का प्रयत्न करें बजरंग दल भी इसके लिए आंदोलन करेगा।

शुक्रवार को रात ग्वालियर पहुंचे बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज दौनेरिया ने 6 अक्टूबर को भारत बांग्लादेश के बीच होने वाले टी-20 इंटरनेशनल मैच को लेकर कहा कि यह मैच इस समय नहीं होना चाहिए। BCCI ने यह मैच गलत समय पर लिया है।
इस समय बांग्लादेश में जिस प्रकार से हिंदुओं के बर्बरता हुई है। कितनी हमारी बहनों के साथ बलात्कार किए गए हैं, हिंदुओं को वहां पेड़ों से और खंभो बांध कर मारा गया है। इतनी बर्बरता इतिहास के पन्नों में कभी सुनी नहीं गई है, जितनी बर्बरता अब बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हुई है।
हिंदुओं को नहीं करने दे रहे माता की पूजा
ऐसी बर्बरता के बावजूद भी BCCI के द्वारा यह मैच कराया जा रहा है। यह हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का विषय है। करोड़ों हिंदू इससे आहत है। वर्तमान समय पर टीवी चैनल पर सोशल मीडिया पर और समाचार पत्रों लोग विभिन्न प्रकारों से अपना विरोध प्रकट कर रहे हैं। अभी कानपुर में भी जो मैच हुआ है उसमें भी विरोध हुआ है। लोग वहां मैच देखने नहीं गए हैं। लोगों ने बहिष्कार किया है। क्योंकि एक ओर वहां हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है और यहां उनकी टीम मैच खेल रही है। अभी हाल ही का समाचार है की बांग्लादेश में हिंदुओं को दुर्गा पूजा नहीं करने दी जा रही है। वहां प्रत्येक पंडाल के पास जाकर रंगदारी मांगी है। कट्टरपंथियों ने धमकी दी है कि यहां रहना है तो दुर्गा पूजा नहीं करना है।
बांग्लादेश के लाखों हिंदू पीड़ित और परेशान हैं। यहां उनके साथ मैच खेलना निंदा का विषय है। इसलिए BCCI को यह मैच रद्द करना चाहिए। मैं ग्वालियर में एक कार्यक्रम में शामिल होने आया हूं, इसलिए मेरा हिंदू समाज से आह्वान है कि वह इस मैच का बहिष्कार करें। बजरंग दल भी इसके लिए आंदोलन करेगा।
उधर एकतरफ जहां बजरंग दल खुलकर बीसीसीआई के खिलाफ बोल रहा है तो दूसरी ओर जिस प्रकार की खबरें आ रही हैं उससे इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि पूरे संघ परिवार में भी बीसीसीआई द्वारा बांग्लादेश के साथ सीरीज रद्द न करने को लेकर भीतर ही भीतर गुस्सा व्याप्त है। अनुशासन के चलते फिलहाल बजरंग दल को छोड़ सीधे कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
भारतीय जनता पार्टी में भी बहुत बड़ा वर्ग ऐसा है जो इस मैच के ख़ेले जाने के पक्ष में नहीं है मध्यप्रदेश में तो प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश चौधरी तो खुलकर इसके खिलाफ बोल चुके हैं। अब देखना होगा कि बांग्लादेश के खिलाफ मैच कराए जाने को लेकर संघ परिवार में फूट रहे गुस्से को बीसीसीआई गंभीरता से लेता है या यूं ही हवा में उड़ा देता है।
Praveen dubey @ shabdshakti news.in