देशभर के तमाम शहरों और गांवों में एक बार फिर विवाह के लिए तैयारियों की हलचल तेज हो गई है. नवंबर से फरवरी तक विवाह के शुभ मुहूर्तों की भरमार है और यह सीजन नवविवाहित जोड़ों के लिए खुशियों और नई शुरुआत का संदेश लेकर आ रहा है. ज्योतिषियों के अनुसार, शुभ मुहूर्त में विवाह करना शुभ और लाभकारी माना गया है, जिससे विवाह बंधन में बंधने वाले जोड़ों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. ज्योतिषाचार्य का कहना है कि शुभ मुहूर्त में विवाह करने से दांपत्य जीवन में शांति, सौहार्द और आनंद बना रहता है.
इस दिन से शुरू हो जाएगा विवाह
भारत में सनातन धर्म की प्रथा और परंपरा को विशेष महत्ता के साथ निभाया जाता है. यहां के प्रथा परंपरा के अनुसार, देवउठनी विवाह के साथ विवाह का कार्य प्रारंभ हो जाता है. पंचांगकर्ताओं ने इस बार 22 नवंबर से विवाह का मुहूर्त प्रारंभ होने की बात कही है. देवउठनी एकादशी 12 नवंबर को है और 22 नवंबर से विवाह का शुभ मुहूर्त प्रारंभ होगा. नवंबर में इस बार 3-4 मुहूर्त बताया गया है. दिसंबर में भी 5-6 मुहूर्त है. इस तरह से नवंबर और दिसंबर में विवाह के लिए 8 से 10 शुभ मुहूर्त हैं.
इस तारीख को विवाह का शुभ मुहूर्त
नवंबर में 22, 23, 27 के अलावा, दिसंबर में 4, 6, 7, 12, 14 और 15 को विवाह का शुभ मुहूर्त है. इसके बाद खरमास लग जाता है, जो एक महीने के लिए होता है. इन दिनों में विवाह जैसे मांगलिक कार्यों में विराम लग जाता है. 15 दिसंबर से मकर संक्रांति अर्थात् 14 जनवरी तक विवाह समेत मांगलिक कार्य बंद रहते हैं. इसके बाद पुनः विवाह के शुभ मुहूर्त प्रारंभ होंगे. जिन परिवारों ने अभी तक विवाह की तारीखें तय नहीं की हैं, वे ज्योतिष में बताए गए इन शुभ मुहूर्तों का लाभ उठा सकते हैं और अपने बच्चों की शादी की तैयारी शुरू कर सकते हैं.