आनंदीबेन ,अनुराधा पोडवाल, मेरीकॉम, सन्तोष आनंद, सुनीता नारयण, सत्यनारायण सत्तन विनीत चौहान सहित अनेक जानीमानी हस्तियां आएंगी,ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित नाटक लक्ष्मी बाई भी होगा आकर्षण का केन्द्र

1857 के स्वतंत्रता समर की महानायिका वीरांगना लक्ष्मी बाई के बलिदान को स्मरण करने के लिए ग्वालियर स्थित उनके समाधिस्थल पर आयोजित किया जाने वाला मेला इसबार तमाम जानीमानी हस्तियों के शिरकत करने से अनूठा बन पड़ा है।
यूँ तो विगत 19 वर्षों से आयोजित होता आ रहा यह बलिदान मेला अब किसी पहचान का मोहताज नहीं रहा दूर दूर तक इस मेले की ख्याति फ़ैल चुकी है।
इसके संस्थापक मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री व बजरंगदल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जयभान सिंह जी के स्वयं एक प्रबल राष्ट्रवादी व्यक्तित्व के धनी होने के कारण इस बलिदान मेले पर भी देशभक्ति और नवजागरण का प्रभाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। यही वजह है मध्यप्रदेश ही नहीं पूरे देशभर से लोग इस बलिदान मेले में वीरांगना को नमन करने यहां आते हैं। इस मेले के महत्व को इस बात से भी समझा जा सकता है कि मध्यप्रदेश शासन अधिकृत रूप से इसे अपना आयोजन मान चुका है। उसकी ओर से वीरांगना सम्मान प्रदान किया जाता है।
इस बार यह मेला खेल राजनीति पर्यावरण देशप्रेम,साहित्य और कला आदि से ताल्लुक रखने वाली नामी गिरामी हस्तियों के आने से अनूठा बन पड़ा है। दो दिवसीय इस मेले की शुरुआत रविवार 17 जून को होगी और 17 जून तक तमाम कार्यक्रम लगातार चलते रहेंगे। 17 जून का प्रमुख आकर्षण ह ओलम्पिक पदक विजेता विश्व प्रसिद्ध मुक्केबाज मेरीकॉम होंगी उन्हें मेलामंच से 2015 का वीरांगना सम्मान प्रदान किया जाएगा वे2015 को व्यस्तता के कारण मेले में सम्मान प्राप्त करने नहीं आ सकीं थीं।
17 जून को ही विश्व प्रसिद्ध भजन गायिका अनुराधा पौडवाल अपने भजनों और देशभक्ति गीतों से वीरांगना को अपनी स्वरांजलि भेंट करेंगी।
वीरांगना मेले में 18 जून को भी तमाम विश्व प्रसिद्ध लोग अपनी उपस्थिति से मेले को धन्य करेंगे । यह कार्यक्रम सायं 7.30 बजे शुरू होगा इसमें मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मुख्य अथिति होंगी वे प्रसिद्ध पर्यावरणविद सुनीता नारयण को वर्ष 2016 का वीरांगना सम्मान प्रदान करेंगीं एक अन्य विश्व प्रसिद्ध पर्यावरण दार्शनिक वन्दनाजी को वर्ष2018 का वीरांगना सम्मान भी इसी मंच से दिया जाएगा।
सम्मान समारोह के पश्चात ग्वालियर वासी इसी मंच पर देश के प्रसिद्ध फिल्मी गीतकार कवि सन्तोष आनन्द को भी देख व सुन सकेंगें उल्लेखनीय है कि सन्तोष आनन्द वे गीतकार हैं जिन्होंने पूरब पश्चिम जैसी तमाम हिंदी फिल्मों में हिट गीत दिए हैं। वे इस मंच से कवितापाठ करेंगे इसके साथ ही अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में सत्यनारायण सत्तन,विनीत चौहान, प्रताप फौजदार, सुरेंद्र दुबे तुषार शर्मा मुन्ना बैटरी जैसे तमाम जानेमाने कवि अपनी रचनाओं से ग्वालियर को धन्य करेंगे। खूब लड़ी मर्दानी महानाट्य भी आयोजन का एक और आकर्षण होगा इसमें 125 कलाकार घोड़े ऊंट आदि के साथ 1857 के स्वतंत्रता समर व रानी के रणकौशल का मंचन करेंगे।