पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख अड्डे मरकज सुब्हान अल्लाह पर भारतीय सेना द्वारा किए गए स्ट्राइक में मसूद अजहर की पत्नी, बेटा और बड़ी बहन सहति उसके पूरे परिवार के मारे जाने की खबर सामने आ रही है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, इस हमले में मौलाना काशिफ और उसका परिवार, मौलाना अब्दुल रऊफ की बड़ी बेटी, पोते और चार बच्चों के साथ-साथ अप्पा सऊदी और उसके परिवार के भी मारे जाने की पुष्टि हुई है।
अजहर बोला- मैं भी मर जाता
परिवार के खत्म होने पर मसूद अजहर रोया है. उसने बयान जारी कर कहा है कि मैं भी मर जाता. दरअसल, भारत के हमले में उसके भाई, बहन समेत पूरा परिवार खत्म हो गया है.
सूत्रों का कहना है कि ये सभी लोग उस समय मरकज परिसर में मौजूद थे जब भारत ने आतंकवादी ठिकानों को लक्षित कर हमला किया। इसे जैश का प्रमुख प्रशिक्षण और संचालन मुख्यालय माना जाता है, जहां पुलवामा जैसे हमलों की साजिश रची जाती रही है।
ऑपरेशन सिंदूर का मुख्य लक्ष्य जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और लश्कर-ए-तैयबा के जिहादी ढांचों को तबाह करना था, जो पिछले तीन दशकों में भारतीय धरती पर बड़े हमलों के लिए जिम्मेदार दो आतंकवादी संगठन हैं। पाकिस्तान का 12वां सबसे बड़ा शहर जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का घर है। लाहौर से लगभग 400 किमी दूर स्थित, यह जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह परिसर में समूह के संचालन का आधार है, जिसे उस्मान-ओ-अली परिसर के रूप में भी जाना जाता है।
जामिया मस्जिद भारत द्वारा लक्षित स्थलों में से एक थी। कहा जाता है कि यह परिसर 18 एकड़ में फैला हुआ है और यह भर्ती, धन उगाहने और विचारधारा के लिए जैश के केंद्र के रूप में कार्य करता है।
जेईएम के संस्थापक मौलाना मसूद अजहर का जन्म बहावलपुर में हुआ था और वह वहां एक भारी सुरक्षा वाले परिसर में रहता है। जैश-ए-मोहम्मद पर आधिकारिक तौर पर 2002 में प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन दंडात्मक उपाय केवल कागज़ों पर ही लागू किया गया था, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद को अपने शिविर चलाने की पूरी आजादी दी गई थी