मोदी सरकार ने आज देशवासियो को धमाकेदार दीवाली गिफ्ट दिया जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में निर्णय लिया गया कि देश में अब सिर्फ दो जीएसटी स्लैब होंगे, जो 5% और 18% होंगे. मतलब अब 12 और 28 फीसदी के जीएसटी स्लैब को खत्म कर दिया गया है और इनमें शामिल ज्यादातर चीजें सिर्फ मंजूर किए गए दो टैक्स स्लैब के अंदर आ जाएंगी. इसके चलते कई सामान सस्ते हो जाएंंगे. हालांकि, विलासिता और हानिकारिक वस्तुओं के लिए एक अलग स्लैब को मंजूरी मिली है, जो 40% का है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में बताते हुए कहा कि हमारा फोकस देश के आम आदमी पर है. किसानों से लेकर लेबर तक को ध्यान में रखते हुए स्लैब कम करने को मंजूरी दी गई है और बैठक में शामिल सभी सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों ने इस फैसले का समर्थन किया.समय की मांग को समझते हुए सभी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देने में अपनी पूरी सहमति जताई.
ये सामान होंगे सस्ते
यूएचटी दूध, छेना पनीर, पिज्जा ब्रेड, रोटी, पराठा, को अब जीरो जीएसटी स्लैब में डाला गया है और इन पर कई जीएसटी नहीं लगेगा. इसके अलावा कॉमन मैन और मिडिल क्लास को बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि शैंपू, साबुन, तेल समेत रोजमर्रा में घरों में इस्तेमाल होने वाले सामानों के अलावा नमकीन, पास्ता, कॉफी, नूडल्स पर अब 5% जीएसटी लगेगा. इसके अलावा कार, बाइक, सीमेंट पर अब 28 फीसदी की जगह 18 फीसदी टैक्स लागू होगा. टीवी पर 28 फीसदी से 18 फीसदी जीएसटी हुआ, तो वहीं 33 जीवन रक्षक दवाइंयों को जीएसटी के दायरे से बाहर किया गया है. इनमें तीन कैंसर की दवाएं भी शामिल हैं.
रोज़मर्रा की चीज़ें जो सस्ती हुईं – जीएसटी 5 फ़ीसदी
- हेयर ऑयल, शैंपू, टूथपेस्ट, टॉयलेट शॉप बार, टूथब्रश, सेविंग क्रीम, बटर, घी, चीज़, डेयरी स्प्रैड
- पैकेज्ड़ नमकीन, भुजिया मिक्स्चर, बर्तन, बच्चों की दूध पीने की बोतल, नैपकिन और डायपर
- सिलाई की मशीन और इसके पुर्जे
हेल्थकेयर सेक्टर
- हेल्थ और लाइफ़ इंश्योरेंस (जीएसटी 18 परसेंट से घटकर ज़ीरो)
- थर्मामीटर, मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, डाइग्लोनस्टिक किट, ग्लूकोमीटर, टेस्ट स्ट्रिप्स (जीएसटी 5 परसेंट)
एजुकेशन और एग्रीकल्चर सेक्टर
, चार्ट, ग्लोब, पेंसिल, शार्पनर, कलर्स, बुक और नोटबुक, इरेजर (जीएसटी घटकर ज़ीरो)
ट्रैक्टर टायर और इसके पुर्जे पर (जीएसटी 18 परसेंट से घटकर 5 परसेंट)
ट्रैक्टर, बायो कीटनाशक, माइक्रो न्यूट्रिएंट्स, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, स्प्रिंकलर (जीएसटी 12 परसेंट से घटकर 5 परसेंट)
इलेक्ट्रॉनिक सामान जो सस्ते हुए
बर्तन धोने की मशीनों, एसी मशीनों जैसे- मोटर से चलने वाले पंखे और ह्यूमिडिटी कंट्रोल करने वाले एलिमेंट पर जीएसटी 28 फीसदी से घटकर 18 फीसदी किया गया.
टीवी, मॉनिटर्स, प्रोजेक्टर और सेट टॉप बॉक्सेज पर भी जीएसटी 28 से घटाकर 18 पर्सेंट किया गया.
लग्ज़री जीएसटी टैक्स -40 फ़ीसदी
- पान मसाला, सिगरेट, गुटखा
- एरेटेड वाटर, कैफीनयुक्त पेय
- बड़ी साइज वाली कार
निर्मला सीतारमण की घोषणा की अहम बातें
- नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी.
- दरों में कटौती से सरकार को लगभग 93,000 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा होगा.
- परिषद ने दो स्लैब दरों को मंजूरी दी है. ये हैं 5 और 18 फ़ीसदी
- इसके अलावा, 40 फ़ीसदी स्लैब से सरकार को लगभग 45,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होने का अनुमान है.
- यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया, मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी.
- राज्यों को राजस्व हानि की भरपाई कैसे की जाएगी, इस पर अभी निर्णय नहीं हुआ है.