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विजयादशमी पर ‘संघे शक्ति कलियुगे : देशभर में एक करोड़ से अधिक संघ स्वयंसेवक सड़कों पर करेंगे अनुशासित कदमताल, मध्यप्रदेश में निकलेंगे 10 से15 लाख गणवेशधारी

प्रवीण दुबे

नई दिल्ली /भोपाल /ग्वालियर /राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  कल अपनी स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण कर रहा है इसको लेकर भारत ही नहीं पूरी दुनिया में संघ स्वयंसेवकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। शताब्दी वर्ष में वर्ष भर चलने वाले कार्यक्रमों की शुरआत पूरे देशभर में निकाले जा रहे पथ संचलनों से होने वाली है एक अनुमान के मुताबिक बस्ती और मंडल स्तर पर निकलने वाले लाखों पथ संचलनों में एक करोड़ से भी अधिक गणवेशधारी स्वयंसेवक शामिल होंगे हालांकि आरएसएस ने अधिकृत रूप से इस संख्या की कोई पुष्टि नहीं की है लेकिन देशभर में अलग अलग शहरों से बस्ती और मंडल स्तर से जो संख्या सामने आ रही है उसे देखकर यह कहा जा सकता है कि पूरे देश में संघ शताब्दी वर्ष की शुरुआत में करोड़ों स्वयंसेवकों की अनुशासित शक्ति सड़कों पर घोष की धुन पर कदमताल करते दिखाई देगी।

संघ के पथ संचलन में भाग लेने के प्रति देशभर के स्वयंसेवकों के अपार उत्साह का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अनेक शहरों से गणवेश की कमी होने की खबरें सामने आ रहीं हैं।

मध्यप्रदेश में निकलेंगे 15 लाख स्वयंसेवक
मध्यप्रदेश की बात की जाए तो यहां सात हजार बड़े पथसंचलन और लगभग इतने ही स्थानों से छोटे संचलन निकालने की तैयारी,जानकारी के मुताबिक इन पथसंचलन में 12 से 15 लाख के बीच पूर्ण गणवेशधारी स्वयंसेवक शामिल होंगे।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां भोपाल विभाग में  373 पथ संचलन में लगभग डेढ़ लाख से अधिक स्वयंसेवक  शामिल होने वाले हैं
यह पथ संचलन 2 अक्टूबर से शुरू होकर 12 अक्टूबर तक निकाले जाएंगे।
संघ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, संघ के भोपाल विभाग के अंतर्गत 5 जिलों में 26 नगर और 6 खंड आते हैं। इनके अंतर्गत 279 बस्ती और भोपाल विभाग के ग्रामीण क्षेत्र में 94 मंडल (प्रत्येक मंडल में 8-10 गांव) शामिल हैं। संघ शताब्दी वर्ष में इन्हीं बस्ती और मंडल स्तर 373 पर संचलन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रत्येक पंथ संचलन स्थान पर 300 से 500 की संख्या के स्वयंसेवक सम्मिलित होकर संचलन निकालने की तैयारी कर रहे हैं।
संघ शताब्दी वर्ष में नए नए स्वयंसेवक भी बड़ी संख्या में तैयार हो रहे हैं। करीब 700 टोली इस कार्य में जुटी है।
अभी भोपाल विभाग में 70 से 80 हजार स्वयंसेवकों की सूची पूर्व से है। लेकिन संघ शताब्दी वर्ष कार्यक्रम से अब तक भोपाल विभाग में 70 हजार से अधिक नयी गणवेश लेकर इतने नए स्वयंसेवक जुड़ चुके हैं। यह क्रम अभी जारी है।
 विभाग संघचालक श्री सोमकांत उमालकर ने बताया कि अधिक से अधिक नये स्वयंसेवक संघ से जुड़ सकें, इसके लिए दो माह से तैयारी चल रही है। भोपाल के सभी क्षेत्रों में स्वयंसेवक टोली बनाकर घर–घर जा रहे हैं ।
उधर ग्वालियर की बात की जाए तो यहां का संघ कार्य पूरे मध्यभारत में विशिष्ट स्थान रखने के साथ बहुत पुराना भी है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ग्वालियर विभाग संघचालक प्रहलाद सबनानी ने बताया कि विजया दशमी 2 अक्टूबर को प्रात: 8 से 10 बजे तक ग्वालियर महानगर की 126 बस्तियों में पथ संचलन निकाला जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में पथ संचलन 2 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक खंड और मंडल स्तर पर निकाले जाएंगे।
संघ शताब्दी वर्ष पथ संचलन को लेकर प्रदेश के सबसे बड़े महानगर इंदौर से लेकर संस्कारधानी जबलपुर,धार्मिक नगरी उज्जैन मंदसौर से लेकर प्रदेश के हर छोटे बड़े शहर गांव की हर बस्ती मोहल्ले से इसी प्रकार की जानकारियां सामने आ रही हैं।
 
विजयादशमी को पथ संचलनों के विराट प्रदर्शन से होने वाली संघ शताब्दी वर्ष की शुरुआत में
15 से 30 नवंबर तक व्यापक गृह संपर्क अभियान के तहत स्वयंसेवक पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य का संदेश घर-घर देंगे। इसके अलावा मंडल, बस्ती स्तर पर हिंदू सम्मेलन 20 दिसंबर से 20 जनवरी 2026 तक, प्रमुख जन गोष्ठी 1 से 15 फरवरी, सामाजिक सद्भाव बैठक 1 से 15 अप्रैल, शालेय विद्यार्थी कार्यक्रम 15 अप्रैल से 15 मई तक, युवा केंद्रित कार्यक्रम 15 अगस्त से 15 सितंबर तक आयोजित किए जाएंगे।  इन सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य ‘समावेशी’ और ‘सर्वस्पर्शी’ सामाजिक परिवर्तन को गति देना है, ताकि समाज के हर वर्ग तक संघ का संदेश पहुंचे और सकारात्मक विकास हो।
आरएसएस पथ संचलन 2025 की खास बातें
  • शताब्दी वर्ष का उत्सव: आरएसएस अपने 100 साल पूरे होने का उत्सव विजयादशमी से शुरू कर रहा है। इसी के तहत, विभिन्न शहरों में पथ संचलन के भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
  • स्थानीय स्तर पर आयोजन: इस बार पथ संचलन बड़े पैमाने पर मंडल और बस्ती स्तर पर निकाले जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक स्वयंसेवक इसमें भाग ले सकें। उदाहरण के लिए, भोपाल विभाग में लगभग डेढ़ लाख स्वयंसेवकों के साथ 373 स्थानों पर पथ संचलन निकालने की योजना है।
  • विभिन्न शहरों में कार्यक्रम: देश के कई शहरों में पथ संचलन आयोजित हो रहे हैं:
    • अयोध्या: सरयू तट स्थित रामकथा पार्क से पथ संचलन शुरू होकर रामपथ से गुजरेगा और संतों द्वारा अभिनंदन किया जाएगा।
    • देवरिया: सलेमपुर में शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में भव्य पथ संचलन निकाला गया, जिसमें स्वयंसेवकों का स्वागत पुष्पवर्षा से किया गया।
    • सीरोही: जिले में 100 स्थानों पर शस्त्र पूजन और पथ संचलन का आयोजन होगा।
  • सामाजिक समरसता पर जोर: संघ शताब्दी वर्ष के इस संचलन का उद्देश्य ‘पंच परिवर्तन’ पर जोर देना है, जिसमें कुटुंब प्रबोधन और समरसता जैसे कार्य शामिल हैं।
  • गणवेश में स्वयंसेवक: पथ संचलन में पूर्ण गणवेश  में स्वयंसेवक कदम से कदम मिलाकर चलते हैं, जिससे अनुशासन और एकता का प्रदर्शन होता है।
  • स्वागत और सम्मान: जिन रास्तों से पथ संचलन गुजरता है, वहां लोग पुष्पवर्षा कर और भारत माता की जय के नारे लगाकर स्वयंसेवकों का उत्साहपूर्वक स्वागत करते हैं
  •  इस साल कुछ जगहों पर विजयादशमी के बजाय किसी अन्य दिन भी पथ संचलन आयोजित हो रहे हैं। जैसे, इंदौर में 2 अक्टूबर की बजाय 5 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा, ताकि अधिक लोग जुड़ सकें। कोविंद होंगे नागपुर में होने वाले कार्यक्रम को चीफ गेस्ट
  • संघ मुख्यालय नागपुर में सरसंघ चालक भागवत जी का होगा सम्बोधन
  • 2 अक्टूबर को दशहरा के मौके पर नागपुर में होने वाले RSS के कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद चीफ गेस्ट होंगे, सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत भी मंचासीन होंगे इस साल संघ अपनी स्थापना के 100 साल पूरे कर रहा है। संघ के शताब्दी वर्ष में यह एक ऐतिहासिक समारोह होगा।

    रामनाथ कोविंद दूसरे पूर्व राष्ट्रपति हैं जो RSS के किसी कार्यक्रम में चीफ गेस्ट बन रहे हैं। इससे पहले 2018 में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी संघ के एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बने थे। तब वे एक प्रशिक्षण वर्ग के समापन समारोह में शामिल हुए थे।

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