ग्वालियर मैं बुधवार को दिनभर रुक रुक कर हुई बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली वहीं कई जगहों पर पानी भर गया समाचार लिखे जाने तक बरसात का क्रम जारी था। गौरतलब है कि ग्वालियर में बरसात न होने से लोग उमसभरी गर्मी से बेहाल थे। बुधवार को भोर होने के साथ ही काली घटाओं ने शहर को भिगोना शुरू कर दिया था। बीच बीच में हुई तेज बारिश के कारण कई निचली बस्तियों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर भी पानी भरने से लोग परेशान हुए। अच्छी बात यह है की शहर को पेयजल की आपूर्ति करने वाले तिघरा जलाशय के केचमेंट ऐरिया में भी बरसात होने से तिघरा के जलस्तर में भराव देखा गया है।
उधर मध्य प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी बारिश का दौर जारी है। 24 घंटे से रुक-रुककर हो रही बारिश से नदी नाले उफान पर हैं। प्रदेश के 10 जिलों में बाढ़ के हालात हैं। भोपाल से सागर, विदिशा से रायसेन, खुरई से सागर राष्ट्रीय राजमार्ग बाढ़ के चलते बंद कर दिए गए हैं। बीते चौबीस घंटों में दमोह में 196 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने बुधवार को भी प्रदेश9 के 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सागर में राजघाट डैम लबालब हो गया है। होशंगाबाद में तवा डैम में 2 फीट पानी बढ़ गया है। वहीं नर्मदा नदी के जलस्तर में में 8 फीट की वृद्धि हुई है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए यहां 24 घंटे का अलर्ट जारी किया गया है। बारिश से सारनी में सतपुड़ा डैम के 5 गेट खोले दिए गए। चम्बल के जलस्तर में भी तेजी से भराव की जानकारी है।
