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एमपीएल: बुंदेलखंड बुल्स और भोपाल लेपर्ड्स बने चैम्पियन ग्वालियर की अनुष्का शर्मा का हेरत अंगेज प्रदर्शन बनी प्लेयर आफ द टूर्नामेंट

प्लेयर आफ द टूर्नामेंट सहित सबसे अधिक पुरस्कार ग्वालियर की अनुष्का शर्मा को

ग्वालियर/मध्य प्रदेश लीग 2025 के महिला वर्ग के फाइनल मुकाबले में बुंदेलखंड बुल्स ने दमदार प्रदर्शन करते हुए चंबल घड़ियाल्स को 26 रन से पराजित कर पहला खिताब अपने नाम कर लिया। वहीं पुरुषों के फाइनल मुकाबले में भोपाल लेपर्ड्स ने रोमांचक मैच में चंबल घड़ियाल्स को दो रन से हराकर खिताबी जीत दर्ज की। पूरे टूर्नामेंट में बुंदेलखंड बुल्स की उपकप्तान अनुष्का शर्मा ने जबर्दस्त प्रदर्शन करते हुए पूरे टूर्नामेंट में सबसे अधिक अवॉर्ड अपने नाम कर लिए।
ग्वालियर के शंकरपुर स्थित माधवराव सिंधिया क्रिकेट स्टेडियम में मंगलवार को खेले गए इस खिताबी मुकाबले में बुंदेलखंड बुल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए ८ विकेट पर 122 रन का स्कोर खड़ा किया। उपकप्तान अनुष्का शर्मा प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रही। साथ ही एमपीएल में सर्वाधिक चौके लगाने और सबसे अधिक रन बनाने के खिताब से भी नवाजा गया।

फाइनल मैच के बाद आयोजित अवॉर्ड सैरेमनी में अनुष्का इस टूर्नामेंट की सर्वाधिक अवॉर्ड पाने वाली खिलाड़ी रहीं। साथ ही फाइनल मुकाबले में 27 गेंदों में 5 चौके व एक छक्का लगाकर जोरदार 36 रन की पारी खेलने वाली आयुषी शुक्ला पलेयर आफ द मैच चुनी गईं। वहीं बुंदेलखंड के गेंदबाजों ने संतुलित खेल दिखाते हुए चंबल को पूरे 20 ओवर खेलने के बावजूद 96 रनों पर रोक दिया।
आयुषी-अनुष्का की जोड़ी ने रखी मजबूत नींव

टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बुंदेलखंड की शुरुआत शानदर रही। अनुष्का शर्मा और आयुषी शुक्ला की सलामी जोड़ी ने 8.2 ओवरों में 60 रनों की साझेदारी कर टीम को ठोस आधार दिया। आयुषी ने 36 रन बनाएं, वहीं अनुष्का ने 26 रन जोड़कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मध्य क्रम में अनन्या दुबे ने 19 गेंदों पर 21 रन बनाते हुए टीम को 122/8 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। चंबल के लिए धानी बुचाड़ें सबसे सफल गेंदबाज रहीं, जिन्होंने चार ओवर में 19 रन देकर तीन विकेट झटके।

चंबल की धीमी बल्लेबाजी बनी हार की वजह

लक्ष्य का पीछा करते हुए चंबल की शुरुआत बेहद खराब रही। मात्र 4 रन पर पहला और 19 के योग पर दूसरा विकेट गंवाने के बाद टीम पूरी तरह दबाव में आ गई। रनों की गति इतनी धीमी थी कि 1० ओवर में स्कोर बोर्ड पर सिर्फ ३२ रन नजर आए। कप्तान सौम्या तिवारी एक छोर पर टिककर खेलती रहीं, लेकिन उनका 48 गेंदों पर 31 रन बनाना टीम के लिए बेहद घाटे का सौदा साबित हुआ।

एमपीसीएल में हमारी टीमों बेहतरीन प्रदर्शन कर ग्वालियर चंबल संभाग का नाम रोशन किया। हमारी लड़कियां पूरे टूर्नामेंट में अपनी पूरी ताकत से खेलीं और आज हमारी टीम इस चैंपियनशिप में विजेता बनी है। इसके लिए सभी टीम के साथी, मैनेजमेंट और शहारवासी बधाई के पात्र है।
: रोहित वाधवा ओनर, बुंदेलखंड बुल्स

यह टूर्नामेंट महिला क्रिकेट के लिए मील का पत्थर है। स्टेट लेबल पर पहली बार खिलाड़ियों को इतना बड़ा मंच मिला, जहां फैसले लेने और दबाव झेलने की चुनौती थी और ऐसे माहौल में खिलाड़ी निखरते हैं। इससे नए क्रिकेटर्स को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
: अनुष्का शर्मा, उपकप्तान बुदेलखंड बुल्स

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