ग्वालियर, 07 मई 2026/ ग्रीष्म ऋतु के दौरान जिले में पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने ग्वालियर जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित करते हुए नए नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से 10 जुलाई 2026 अथवा पर्याप्त वर्षा होने तक प्रभावशील रहेगा।
ग्रीष्म ऋतु में पेयजल स्रोतों की जल आवक क्षमता घटने तथा पेयजल संकट की संभावना को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं क्षेत्रीय अनुविभागीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर यह प्रतिबंध लागू किया गया है। आदेश के तहत शासकीय पेयजल स्रोतों जैसे हैंडपंप एवं नलकूप के 150 मीटर की परिधि में निजी उपयोग के लिए हैंडपंप अथवा ट्यूबवेल खनन प्रतिबंधित रहेगा।
मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 3 के तहत जिले की सम्पूर्ण सीमा में बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के किसी भी प्रयोजन के लिए नए नलकूप खनन पर रोक रहेगी। साथ ही पेयजल स्रोतों, नदी, नालों, तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों के पानी का उपयोग सिंचाई, औद्योगिक अथवा व्यवसायिक कार्यों में बिना अनुमति नहीं किया जा सकेगा। यह प्रतिबंध निजी वाहन धुलाई केन्द्रों पर भी लागू रहेगा।
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में केवल लोकहित में पेयजल व्यवस्था हेतु शासकीय विभागों द्वारा किए जाने वाले नलकूप खनन को छूट रहेगी। विशेष एवं आपात परिस्थितियों में कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की लिखित अनुशंसा पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी एवं दण्डाधिकारी निजी पेयजल नलकूप खनन की अनुमति दे सकेंगे।
आदेश का उल्लंघन करने पर मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 9 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत दो वर्ष तक का कारावास, दो हजार रुपए तक का जुर्माना अथवा दोनों दंड दिए जा सकते हैं।