कई जन्मों के पुण्य कर्मों के बाद ही कथा सुनने का सौभाग्य मिलता है : सागर आनंद महाराज
कलश यात्रा में हजारों महिलाएं हुई शामिल
ग्वालियर। पुरुषार्थ सेवा फाउंडेशन के तत्वावधान में ठाठीपुर स्थिति संत कबीर आश्रम में आज सप्त दिवसीय संत शिरोमणि रविदास जी महाराज संगीतमयी कथा का शुभारम्भ किया गया। प्रारम्भ में संत रविदास जी महाराज की आरती उतारी गई। कथा में संत रविदास महाराज जी कथा एवं कथावाचक श्री सागर आनंद महाराज का भाजपा जिलाध्यक्ष श्री जयप्रकाश राजौरिया ने पुष्पमाला से पूजन किया गया।
कथावाचक उत्तराखंड के प्रसिद्ध संत श्री सागर आनंद जी महाराज ने अपनी मधुर वाणी में कहा कि मन को एकाग्रचित करना बहुत ही सरल है, जिसने पुण्य किए हैं, वह एकाग्रचित हो सकता है। कथा सुनने का सौभाग्य कई जन्मों के पुण्य कर्म से आता है। उन्होंने संत रविदास जी के जीवन पर विचार प्रकट करते हुए उपस्थित जनसमुदाय से कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी ने समाज को समरस बनाने के लिए अभूतपूर्व कार्य किया। आज उन्हीं के आदर्श विचार को प्रवाहित कर समाज के कई संगठन समरसता के लिए बेहतर कार्य कर रहे हैं। संत रविदास जी ने समग्र समाज के लिए कार्य किया, इसलिए समाज को आगे बढ़ाने के लिए उनके विचार को अपनाने की आवश्यकता है। आज श्री पोहप सिंह जाटव, श्री सुरेश सौलंकी ने सपत्नीक आरती की।
उन्होंने बताया कि आज 8 मई से कथा का समय दोपहर 2.30 बजे से सायं 6.00 बजे तक रहेगा।
*कलश यात्रा में हजारों महिलाओं ने लिया भाग*
कथा प्रारंभ होने पूर्व ठाठीपुर स्थित संत शिरोमणि रविदास जी आश्रम से कलश यात्रा निकाली गई। वाद्य यन्त्रों की धुन पर आगे सिर पर कलश रख कर महिलाएं चल रहीं थी। उसके पीछे समाज के गणमान्य नागरिक और उसके बाद बघी में सवार कथावाचक संत श्री सागर आनंद जी महाराज चल रहे थे। पीत परिधान पहने हुए महिलाएं जब क्रमबद्ध होकर चल रही थीं, तब चारों तरफ फूलों के उपवन जैसा दृश्य दिखाई दे रहा था। कलश यात्रा का स्थान स्थान पर स्वागत किया गया।
यह रहे उपस्थित
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक सुरेंद्र मिश्रा, पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल, जवाहर प्रजापति, डॉ. नितेश शर्मा, राजेश दुबे, मुकेश दुबे, फाउंडेशन के सचिव मनीष राजोरिया, सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे