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भाजपा में नियुक्तियों के बाद जमीनी कार्यकर्ताओं में रोष,पार्टी बेकफुट पर, अब कार्यकर्ता समायोजन’ अभियान की तैयारी

प्रवीण दुबे 
भोपाल 27 मई 2026/मध्यप्रदेश में लम्बे समय बाद सत्ताधरी दल भारतीय जनता पार्टी में नियुक्तियों का दौर शुरू हुआ लेकिन अब एक बड़ी बात निकलकर सामने आ रही है नियुक्तियों को लेकर पार्टी से जुड़े नई पीढ़ी के कार्यकर्त्ताओं में निराशा देखी जा रही है, वह इस बात को लेकर खिन्न नजर आ रहे हैं कि नियुक्तियों में केवल उम्रदराज अथवा ऐसे नेताओं को ही कृतार्थ किया गया है जो पार्टी पर दबाव बनाने में कामयाब रहे हैं।
कार्यकर्ताओं का मानना है नियुक्तियों में केवल संगठन में बड़े लोगों से   सम्पर्क रखने वालों को ही पार्टी ने पद प्रदान किए हैं जबकि लम्बे समय से जमीनी काम करने वाले कार्यकर्त्ताओं की अनदेखी की गई है।
कार्यकर्त्ताओं का मानना है कि नियुक्तियों में उन नेताओं को प्राथमिकता दी गई है, जिन्हें 2023 विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला या जो कम अंतर से हार गए थे। इसके अलावा पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और लंबे समय से सक्रिय संगठन पदाधिकारियों को भी जगह देकर उन्हें भविष्य के चुनावों के लिए सक्रिय रखने की रणनीति अपनाई गई जबकि चुनाव में जमीन पर रहकर पसीना बहाने वाले करकर्ताओं को नजर अंदाज किया गया।
पार्टी से जुड़े अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि इस बात की जानकारी सत्ता और संगठन से जुड़े शीर्ष नेतृत्व तक जा पहुंची है और पार्टी ने इस इस बात का फीडबैक भी लिया है। इसमें यह कडुवा सच सामने आने के बाद पार्टी नेतृत्व के माथे पर पसीना आ गया है।
चूंकि अब विधानसभा चुनाव ज्यादा दूर नहीं हैं अतः जमीनी कार्यकर्त्ता को कैसे संतुष्ट किया जाए इसपर माथा पच्ची लगातार जारी है।
हालांकि इस विषय पर प्रदेश अध्यक्ष से लेकर अन्य जिम्मेदार नेता मुंह खोलने तैयार नहीं है बावजूद इसके जो जानकारी निकलकर सामने आ रही है उसके मुताबिक बढ़ते असंतोष को शांत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के 55 जिलों में जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को सरकारी समितियों के माध्यम से जिम्मेदारियां देने का अभियान शुरू किया है।सूत्रों का कहना है कि इसको पार्टी एक अभियान के रूप में संचालित करने जा रही है और इसे अघोषित रूप से कार्यकर्ता समायोजन’ अभियान नाम दिया गया है।
यहां देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने के अपने इस अभियान में कितना कामयाब होती है।
इसको लेकर पार्टी के कुछ जमीनी कार्यकर्ताओ से बात की गई तो उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि
अब तक कुल 60 नियुक्तियां की जा चुकी हैं, जिनमें 10 प्राधिकरण, 8 निगम, 5 आयोग, 4 बोर्ड, 3 समितियां और अन्य संस्थान शामिल हैं। इन नियुक्तियों में कार्यकर्त्ताओं के काम की अनदेखी की गई केवल बड़े नेताओं की सिफारिश को ही नेतृत्व ने तवज्जो दी है।
एक कार्यकर्त्ता ने कहा कि  जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को सरकारी समितियों के माध्यम से जिम्मेदारियां देने के पीछे आखिर क्या सोच है ? क्या निगम मंडल आयोग प्राधिकरण आदि के चकाचोंध भरे पदों के लिए कार्यकर्त्ता योग्य नहीं है ?
एक अन्य कार्यकर्त्ता ने कहा कि जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को सरकारी समितियों के माध्यम से जिम्मेदारियां देना केवल खानापूर्ति ही होगा अभी भी कई बड़े पद खाली हैं जहां कार्यकर्ताओ को सम्मान पूर्वक नियुक्ति दी जाना चाहिए।
अभी तक इनकी हुई नियुक्तियां
प्राधिकरण- 
विंध्य विकास प्राधिकरण- अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति, उपाध्यक्ष- डॉ. अजय सिंह, संजय तीर्थानी।
उज्जैन विकास प्राधिकरण- अध्यक्ष रविेंद्र सोलंकी, उपाध्यक्ष- मुकेश यादव, रवि वर्मा। सदस्य- विजय अग्रवाल, अमित श्रीवास्तव, रामचंद्र शर्मा, सुशीला जाटवा, दुर्गा बिलोटिया।
विशेष क्षेत्र प्राधिकरण ग्वालियर- अध्यक्ष अशोक शर्मा, उपाध्यक्ष- हरीश मेवाफरोश।
ग्वालियर विकास प्राधिकरण- अध्यक्ष मधुसूदन भदौरिया, उपाध्यक्ष- सुधीर गुप्ता, वेद प्रकाश शिवहरे।
अमरकंटक विकास प्राधिकरण- अध्यक्ष राजेंद्र भारती।
ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण- अध्यक्ष अशोक जादौन, उपाध्यक्ष- उदय वीर सिंह गुर्जर।
रतलाम विकास प्राधिकरण- अध्यक्ष मनोहर पोरवाल, उपाध्यक्ष- गोविंद काकर्णी और प्रवीण सोनी। सदस्य- राजेंद्र सिंह गोयल, राजेंद्र मौर्य, धीरज व्यास, राखी व्यास, किरण महावर।
मध्य प्रदेश तीर्थ स्थान एवं मेला प्राधिकरण भोपाल- अध्यक्ष  विनोद गोटिया।
मध्य प्रदेश राज्य स्तरीय सहरिया विकास प्राधिकरण- अध्यक्ष गुड्डी आदिवासी।
जबलपुर विकास प्राधिकरण- अध्यक्ष्स संदीप जैन, उपाध्यक्ष प्रशांत केसरवानी।समिति, मंडल और संस्थान 
मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण समिति- अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा।
मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल- अध्यक्ष ओम जैन।
महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान- अध्यक्ष कौशल शर्मा।बोर्ड 
मध्य प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड- अध्यक्ष महेश केवट।
मध्य प्रदेश महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड- अध्यक्ष केशव भदौरिया।
मध्य प्रदेश खादी एवं ग्रामउद्योग बोर्ड- अध्यक्ष पंकज जोशी, उपाध्यक्ष राकेश जादौन।
मध्य प्रदेश कुश समाज कल्याण बोर्ड- अध्यक्ष प्रभु दयाल कुशवाह।

आयोग
मध्य प्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग- अध्यक्ष रामलाल रौतेल, सदस्य- भगत नेताम, मंगल सिंह धुर्वे।
मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग- अध्यक्ष कैलाश जाटव, सदस्य- रामलाल मालवीय, बारेलाल अहिरवार। आयुक्त विभाग के पदेन सचिव होंगे।
मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग- अध्यक्ष रेखा यादव और सदस्य साधना स्थापक।
मध्य प्रदेश योग आयोग भोपाल- अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह।
मध्य प्रदेश युवा आयाेग- अध्यक्ष  प्रवीण शर्मा।

निगम
मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमि. भोपाल- अध्यक्ष रामनिवास रावत और उपाध्यक्ष  रामोहन बघेल।
मध्य प्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम- अध्यक्ष केशव सिंह बघेल।
मध्य प्रदेश राज्य सहकारी बैंक मर्यादित विकास निगम- प्रशासक- महेंद्र सिंह यादव।
मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पाेरेशन लि- अध्यक्ष संजय नगाईच।
मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन लि- अध्यक्ष केपी यादव और उपाध्यक्ष संजीव कांकर।
मध्य प्रदेश पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम- अध्यक्ष रवि मालवीय।
मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम- अध्यक्ष सौभाग्य सिंह।
मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम मर्यादित भोपाल- अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह।

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