नई दिल्ली 2026/जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को पैलेट गन से घायल साहिल लोचब के मामले में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. राहुल गांधी को एफआईआर की कॉपी दे दी गई है. बीएनएस की धारा 118 और 125 के तहत ये एफआईआर हुई है. संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि उनके धरने के सात घंटे के बाद यह एफआईआर दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि पैलेट गन चले एक महीने हो गया.
राहुल गांधी ने कहा कि यह न्याय की दिशा में यह पहला कदम है. मामला दर्ज कर लिया गया है. उन्हें गोली लगे हुए एक महीना हो चुका है. छर्रे (पेलेट्स) अभी भी उनके शरीर में धंसे हुए हैं. तीन छर्रे उनकी आंख में हैं और उन्हें उससे दिखाई नहीं दे रहा है. तीन या चार उनके दिल के पास हैं. इस युवा के साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है. हम आज सुबह 11:00 या 11:30 बजे यहां आए थे. हम पूरे समय यहीं रहे अब पौने सात बज चुके हैं और अब जाकर एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है.
उन्होंने आगे कहा कि जरा सोचिए कि इस देश में कितनी महिलाओं के साथ रेप होता है, कितने बच्चों की हत्या होती है और कितने लोगों को गोली मारी जाती है. कितने लोगों के शरीर में छर्रे धंसे हुए हैं. यह पुलिस स्टेशन दिल्ली के बीचों-बीच स्थित है, फिर भी यहां न्याय नहीं मिल रहा है. सोचिए किसी गांव या छोटे शहर के पुलिस स्टेशन में क्या होता होगा.
राहुल ने पत्रकारों से आगे कहा कि हमने यहां कुछ भी गलत नहीं किया है. हमने बस एक भारतीय नागरिक के लिए, उनके माता-पिता के लिए, न्याय मांगा और इसमें 8 घंटे लग गए. अंतिम स्वीकृति यानी आखिरी ‘ओके’ गृह सचिव और खुद अमित शाह की तरफ से आनी थी. उसके बाद ही आखिरकार एफआईआर जारी हुई. इसलिए, आप समझ सकते हैं कि एफआईआर को कौन रोक रहा था. ये पुलिस अधिकारी इसे दर्ज करना चाहते थे; बाकी लोग भी ऐसा करना चाहते थे, लेकिन न्याय पर ब्रेक ऊपर से लगाया जा रहा था.
यह एफआईआर उस वक्त दर्ज की गई, जब राहुल गांधी अपने साथ घायल साहिल लोचब को लेकर डीसीपी ऑफिस पहुंचे और संसद घेराव के दौरान पुलिस की तरफ से बल प्रयोग के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना पर बैठे थे.
बीजेपी बोली- ये है ओछी राजनीति
बीजेपी ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संसद मार्ग थाना परिसर स्थित डीसीपी ऑफिसर के बाहर धरना देकर ‘‘ओछी और अराजक राजनीति’’ करने का आरोप लगाया. आरोप लगाया कि यह ‘वंदे मातरम्’ के मुद्दे पर कांग्रेस के रुख से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने कहा कि गांधी का धरना न तो छात्रों के लिए था और न ही न्याय के लिए, बल्कि ये कांग्रेस की ‘‘राजनीतिक हताशा’’ को दिखाता है. उन्होंने कहा कि आज पूरे देश ने एक बार फिर राहुल गांधी की ओछी और ध्यान भटकाने वाली राजनीति देखी, जिसका प्रदर्शन उन्होंने संसद मार्ग थाने के बाहर किया. नड्डा ने यहां पत्रकारों से कहा कि राहुल गांधी का यह विरोध प्रदर्शन न तो छात्रों के लिए है और न ही न्याय के लिए; यह कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक हताशा और फुटेज के लिए राहुल गांधी की भूख है.