उत्तर प्रदेश में सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद शनिवार सुबह गिरा दी गई. मस्जिद एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस की मौजूदगी में गिराई गई.
सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने पिछले महीने मस्जिद को अवैध घोषित करते हुए इसे गिराने का आदेश दिया था.
कोर्ट के आदेश को बरक़रार रखे जाने के बाद डीएम कार्यालय परिसर में मस्जिद गिराने की कार्रवाई शुरू हुई.
इस मामले पर सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक सिंह ने कहा, “सहारनपुर के कलेक्ट्रेट में एक मस्जिद थी, जिसे सिटी मजिस्ट्रेट के कोर्ट ने अवैध पाया था. यह सरकारी ज़मीन थी. इस आदेश के ख़िलाफ़ मस्जिद कमिटी ने अपील की थी, जो ख़ारिज हो गई. इसी अवैध निर्माण को हटाने के लिए कार्रवाई की गई.”
डीआईजी ने बताया कि त्योहारों को देखते हुए सहारनपुर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और सोशल मीडिया पर भी नज़र रखी जा रही है.
उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई भी अफ़वाह फैलाने पर कार्रवाई की जाएगी.
इस मामले पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “हमारे लोग पूरी रात जागते रहे. हम अधिकारियों से लगातार संपर्क करने की कोशिश करते रहे. सारी जानकारी देने के बावजूद मस्जिद तोड़ दी गई. दरअसल मस्जिद नहीं तोड़ी गई है, वहां संविधान की धज्जियाँ उड़ाई गई हैं.”
उन्होंने कहा, “यह मस्जिद सन 1911 से भी पहले की है. आज भी मस्जिद की मिल्कियत वहिद खां और याकूब खां के नाम है. सारी जानकारी देने के बाद भी सिटी मजिस्ट्रेट ने आदेश दिया. हाई कोर्ट में हर बात को नज़रअंदाज किया गया. न तो वक़्फ बोर्ड को मामले में पक्ष बनाया गया और न ही उसे कार्यवाही में शामिल किया गया.”
इमरान मसूद ने आरोप लगाया,”मस्जिद को चारों तरफ से घेर लिया गया. लोगों को उनके घरों में क़ैद कर दिया गया. इसके बाद मस्जिद गिरा दी गई.”