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इस दुखभरी घड़ी में पूरे नम्बर से पास हुई नरेंद्र शिवराज की जोड़ी, दिग्विजयसिंह की फिर खुली पोल

 

प्रवीण दुबे

शिवपुरी ग्वालियर के बीच स्थित  सुल्तान गढ़ का मनोरम पिकनिक स्पॉट एक बड़े हादसे का गवाह बना। यदि शिवपुरी ग्वालियर का पुलिस प्रशासन, रेस्क्यू ऑपरेशन टीम साथ ही केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सहित मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, यशोधरा राजे ने तुरंत सक्रीयता नहीं दिखाई होती तो शायद आज दर्जनों लोगों की जान चली गयी होती। इस सम्पूर्ण घटनाक्रम का एक दुखद पहलू यह भी रहा कि कांग्रेस ऐसी दुख भरी परिस्थिति में भी राजनीति करती नजर आई, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने दुर्घटना स्थल पर पहुँचने के बजाए आरोपों की बयानबाजी करना शुरू कर दी।

15 अगस्त को शाम चार बजे सबसे पहले सुल्तान गढ़ में ,बड़ी संख्या में लोगों के पानी के बीच फंसे होने की बात सामने आई,जैसे ही इसके कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए जिसने भी देखा रोंगटे खड़े हो गए। इसी बीच ग्वालियर और शिवपुरी के जिला व पुलिस प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने के निर्देश दिए,इतना ही नहीं ADM, पुलिस अधीक्षक, SDM सहित तमाम प्रशासनिक अमला मौके पर रवाना हुआ और पानी में फंसे लोगों को बचाने के लिए जारी

ऑपरेशन की कमान खुद सम्भाल ली। इसी बीच ग्वालियर में अपने सारे कार्यक्रमों को निरस्त करते हुए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह घटनास्थल पर रवाना हुए।

उधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल से कमान संभाली और हर सम्भव मदद के निर्देश जारी किए उन्होंने पूरे

ऑपरेशन की पल पल की गतिविधियों पर नजर रखी साथ ही NDRF के दल को भोपाल से शिवपुरी पहुंचने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने नरेंद्र तोमर से सतत संपर्क जारी रखा और हेलीकॉप्टर से बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने की व्यवस्था की। इस बीच उच्च प्रशासनिक अधिकारियों ने कुछ ही दूरी के फासले पर स्थित BSF हेडक्वार्टर टेकनपुर में हेलीकॉप्टर व विशेषज्ञ बचाव दल की मांग की। इसके कुछ देर बाद ही हेलीकॉप्टर वहाँ पहुंचा तथा लोगों को बचाने का अभियान और तेज हो गया। कई फंसे हुओं को हेलिकॉप्टर के सहारे रस्सी से बाहर लाया गया।

उधर रेस्क्यू टीम ने घनघोर अंधेरे में अदभुत साहस का परिचय देते हुए नाव व रस्सियों के सहारे न केवल लोगों को बचाया बल्कि लापता लोगों की खोज भी जारी रखी, इस तरह रात्रि लगभग 2 बजे तक फंसे हुए लगभग 45 लोगों को बचा लिया गया।

महत्वपूर्ण बात यह रही कि जितनी देर यह बचाव अभियान चला केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर वहीं दते रहकर पल पल की जानकारी लेते रहे वहीं मुख्यमंत्री भी सीधे भोपाल से जुड़े रहे प्रदेश सरकार की मंत्री यशोधरा राजे भी वहां उपस्थित रहीं। तारीफ करने चाहिए रेस्क्यू दल की जो भयानक अंधेरे व खतरनाक जगह की चिंता न करते हुए अपनी जान जोखिम मैं डालकर बचाव कार्य मैं लगा। रहा

इस सम्पूर्ण घटनाक्रम के बीच कांग्रेस की राजनीतिक फायदा उठाने की मानसिकता भी देखने को मिली। जब लोग जीवन और मौत से जूझ रहे थे तब प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने आरोप लगाया कि बांध से पानी छोड़े जाने के कारण यह घटना घटी है। अच्छा होता कि दिग्विजयसिंह बयानबाजी करने के पहले नरेंद्र सिंह की तरह मोके पर पहुंचकर बाढ़ में फंसे लोगों को कैसे बचाया जाए इस बात की चिंता करते।

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