E20 पेट्रोल को लेकर शुरू हुआ नया विवाद बढ़ता जा रहा है. कर्नाटक सरकार ने दावा किया था कि लैब टेस्ट में पाया गया है कि तमाम कंपनियों के पेट्रोल में तय सीमा से ज्यादा इथेनॉल मिलाया जा रहा है
. इस मामले में अब तेल कंपनियों का जवाब आया है. सरकारी तेल कंपनियां आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने राज्य सरकार के आरोपों को खारिज किया है
.कंपनियों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा कराई गई जांच के नतीजे तय कानून और टेक्निकल प्रक्रियाओं का पालन नहीं करते हैं.
कंपनियों ने बताया कि कर्नाटक समेत देशभर में सप्लाई हो रहा ई20 पेट्रोल बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) के तय मानक आईएस 17021 के मुताबिक है. आइए जानते हैं क्या है ई20 पेट्रोल से जुड़ा नया विवाद.
क्या है मामला पूरा मामला?
कर्नाटक सरकार ने ई20 पेट्रोल में तय मानक से ज्यादा इथेनॉल की मिलावट होने का दावा किया था. राज्य सरकार ने कुछ पेट्रोल पंपों से लिए सैंपल में इथेनॉल की मात्रा 20 परसेंट से ज्यादा होने का दावा किया था. कुछ सैंपल में मिलावट 31.2 परसेंट तक थी. कर्नाटक सरकार ने इस मामले में तेल कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.