फरवरी 2002 में अयोध्या से कारसेवा करके लौट रहे 59 कारसेवकों को गुजरात के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन की बोगी जलाकर मार डालने के दो आरोपियों को अहमदाबाद की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने सोमवार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अभियोजन पक्ष जब ये साबित करने में सफल रहे कि उनकी साजिश के चलते ट्रेन की दो बोगी जलाने के बाद 59 लोगों की मौत हुई, जज एसची रवोहरा ने फारूक भाना और इमरान शेरू को इस केस में दोषी ठहराया।
हालांकि, अदालत ने हुसैन सुलेमान मोहन, कसम भमेड़ी और फारुक धांतिया को बरी कर दिया। पांचों 2015-2016 के दौरान पकड़े गए थे और साबरमती सेंट्रल जेल के अंदर उनका ट्रायल चल रहा था।
59 कारसेवकों को जिंदा जलाकर मारनेके के गोधरा कांड के आरोपी फारूक और इमरान को उम्रकैद
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