जाने माने कथावाचक और एससी/एसटी आंदोलन की अगुवाई करने वाले ठाकुर देवकीनंदन पिछले एक पखवाड़े से सरकार के आंख की किरकरी बने हुए थे, उन्होंने विरोध झंडा मध्यप्रदेश के ग्वालियर में विशाल सवर्ण सम्मेलन आयोजित कर किया था उसके बाद से वे देशभर में एससी एसटी एक्ट के विरोध आंदोलन के अगुवा बने हुए थे।उन्हें मंगलवार शाम चार बजे आगरा कमलानगर स्थित टेंप्टेशन रेस्टोरेंट से हिरासत में ले लिया गया। यहां से उनको पुलिस लाइंस भेज दिया गया। उनके साथ आधा दर्जन से ज्यादा समर्थक भी थे।
आरोप है कि उन्होंने आगरा में अपने प्रवेश के प्रतिबंधित होने के बावजूद सभा की, प्रेस कॉन्फ्रेंस की। देर शाम निजी मुचलके पर उनको पुलिस लाइंस से छोड़ दिया गया।
हिरासत में लिए जाने से पहले डेढ़ घंटे तक वार्ता का दौर चला। लगभग सवा दो बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस को आए कथावाचक ने पन्द्रह मिनट के उद्बोधन में अपनी बात रख दी। कॉन्फ्रेंस खत्म करने के बाद वह जैसे ही रेस्टोरेंट से निकलने को हुए, क्षेत्रीय पुलिस पहुंच गई। कथावाचक से रेस्त्रां में बने रहने को कहा। कुछ ही देर में सीओ एलआईयू, सीओ छत्ता, सीओ हरीपर्वत दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
अधिकारियों ने कथा वाचक से आगरा आगमन का कारण पूछा। कहा कि उनको आगरा में प्रवेश की मनाही थी। इस आशय की जानकारी पुलिस अधिकारी ने उनको स्वयं कॉल करके दी थी। इसके बावजूद वह आ गए। वहीं कथा वाचक ने कहा कि उनको खंदौली जाने की मनाही थी। वह तो आगरा आए हैं। यहां भी उनका प्रयोजन सभा का नहीं था। वह तो शांति मधुवन प्लाजा स्थित अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ कर रहे अपने गुरु का हालचाल लेने आए थे। पुलिस ने उनकी दलील को नहीं माना। गिरफ्तारी पर अड़ी रही। कथा वाचक ने यहां तक कहा कि वह रेस्टोरेंट में ही बैठे रहेंगे। कहीं नहीं जाएंगे। लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। हिरासत में ले लिया गया।