नईदिल्ली मध्यप्रदेश में एक तरफ कांग्रेस 15 वर्ष का वनवास काटकर कमलनाथ की ताजपोशी की जोरदार तैयारियों में जुटी है तो दूसरी ओर सिंधिया समर्थकों की नाराजगी को साधना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन गई है| सिंधिया के समर्थकों ने आज मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की जगह दिल्ली कूच किया और अपने नेता सिंधिया के घरके बाहर धरना देकर बेथ गए उनकी मांग थी कि सिंधिया को डिप्टी सी एम के साथ प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाए और श्री सिंधिया इसे स्वीकार करें। पार्टी शीर्ष नेतृत्व के निर्णय से इतर अपने नेता के समर्थन में देश की राजधानी में हुए इस धरने ने सभी का ध्यानाकर्षित किया और देखते ही देखते यह खबर मीडिया की सुर्खियां बन गई। उधर इस घटनाक्रम के कई राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने सीएम के नाम की घोषणा कर दी है, लेकिन पार्टी में ज्योतिरादित्य के पक्ष में भी आवाज उठ रही है। इसी क्रम में सिंधिया को एमपी प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग करते हुए 20 से अधिक विधायक दिल्ली स्थित उनके आवास पहुंचे।
इस दौरान वहां कई कार्यकर्ता भी मौजूद थे। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि महाराज (सिंधिया) को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाए। इस दौरान वहां भारी भीड़ उमड़ गई थी। एक नेता ने सिंधिया के पैर पकड़ लिए और अपनी मांग पर अड़ गए। उन्होंने कहा कि अगर सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाया गया तो वह खुदकुशी कर लेंगे।
सिंधिया ने उन्हें काफी मनाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। भीड़ में मौजूद लोगों के साथ मिलकर सिंधिया ने उन्हें ऊपर उठाया और उन्हें समझाया फिर अपने घर के अंदर चले गए।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की जीत के बाद ही सीएम के चुनाव को लेकर पार्टी के भीतर अंदरूनी खींचतान चल रही थी और एक धड़ा ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम के रूप में देखना चाहता था। हालांकि, आलाकमान ने कमलनाथ को सीएम पद की जिम्मेदारी दी। कमलनाथ 17 दिसंबर को राज्य के सीएम पद की शपथ लेंगे।