तीन दिन बाद भी मंत्रियों को विभाग बटवारा न कर पाने के कारण जहां अब कमलनाथ सरकार की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया है वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ की लाचारी साफ दिखाई दे रही है। निर्णय न ले पाने और दिग्विजय, सिंधिया ,जैसे बड़े नेताओं का दबाव मुख्यमंत्री पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। देर रात के बाद आज खबर लिखे जाने तक मंत्रीपरिषद को विभाग बटवारे की कोई खबर नहीं आने से असमंजस बना हुआ है।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया गुटीय संतुलन बनाने के लिए दो दिन से कवायद कर रहे हैं, लेकिन ये तीनों दिग्गज ही अपने-अपने समर्थकों को बड़े और भारी-भरकम विभाग दिलाने की कोशिश में जुटे रहे। कमलनाथ सरकार के मंत्रियों के विभाग बंटवारे में मुख्यमंत्री कमलनाथ, सिंधिया और दिग्विजय सिंह के बीच कई दौर की चर्चा हो चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक जिन विभागों को दिग्गज अपने समर्थक मंत्रियों को दिलाना चाह रहे हैं वे मुख्य रूप से वित्त, गृह, परिवहन, आबकारी, स्वास्थ्य, जनसंपर्क, सहकारिता, पीडब्ल्यूडी और महिला बाल विकास हैं। अगर स्तिथि नहीं सम्भली तो सीएम कमलनाथ वित्त या गृह विभाग अपने पास भी रख सकते हैं|