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अब मध्यप्रदेश में अहाते बंद होंगे, दुकानों में शराब पिलाने की व्यवस्था भी बंद, धार्मिक स्थल, स्कूलों आदि के सौ मीटर में नहीं होगी शराब दुकान

प्रदेश में दो हजार 580 अहाते और 31 दुकानों पर बैठाकर शराब पिलाने की व्यवस्था थी

ग्वालियर ग्रामीण बनेगी नई तहसील

घर से जल निकासी या शौच गृह की व्यवस्था न बनाने पर लगेगा पांच हजार रुपये अर्थदंड

31 दिसंबर 2020 तक नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर काबिज व्यक्तियों को मिलेंगे पट्टे

भोपाल/शिवराज सरकार ने रविवार को आबकारी नीति में उल्लेखनीय बदलाव किया। अब प्रदेश में अहाते बंद होंगे। दुकानों में बैठाकर शराब पिलाने की व्यवस्था भी नहीं होगी। धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान, बालिका छात्रावास से सौ मीटर के दायरे में कोई भी शराब की दुकान नहीं होगी। शराब पीकर वाहन चलाने पर डाइविंग लाइसेंस निलंबित करने के प्रविधान और कड़े होंगे। मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों ने नीति के प्रविधानों का मेज थपथपाकर स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में वर्ष 2010 से कोई भी नई शराब की दुकान नहीं खोली गई है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वर्ष 2023 के लिए आबकारी नीति को मंजूरी दी गई। इसमें शराब को हतोत्साहित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। शराब दुकानों में शराब पिलाने और अहातों से कानून व्यवस्था को लेकर उठाने वाले सवालों को देखते हुए सरकार ने तय किया है कि इन्हें बंद किया जाएगा। प्रदेश में दो हजार 580 अहाते और 31 दुकानों पर बैठाकर शराब पिलाने की व्यवस्था थी

प्रदेश में कुल तीन हजार 608 शराब दुकानें हैं। बैठक में वर्ष 2023-24 के बजट प्रस्ताव को भी अनुमति दी गई। इसमें लाड़ली बहना योजना, पूंजीगत में वृद्धि, नगरीय तथा ग्रामीण विकास, अधोसंरचना विकास के लिए प्रविधान रखा गया है।

घर से जल निकासी या शौच गृह की व्यवस्था न बनाने पर लगेगा पांच हजार रुपये अर्थदंड

घर से जल निकासी या शौच गृह की व्यवस्था न बनाने पर अब पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगेगा। सरकार विधानसभा के बजट सत्र में नगर पालिक विधि अधिनियम में संशोधन करेगी। वर्तमान अधिनियम में तीन माह के कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड का प्रविधान है। कारावास के प्रविधान को अव्यवहारिक मानते हुए इसे समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। अर्थदंड एक हजार रुपये के स्थान पर पांच हजार रुपये होगा और दो सौ रुपये प्रतिदिन अतिरिक्त तौर पर अर्थदंड लगाया जा सकता है। इसी तरह शव को श्मशान या कब्रिस्तान ले लाने के लिए मार्ग निर्धारित करने का प्रविधान भी अब नहीं रहेगा।

31 दिसंबर 2020 तक नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर काबिज व्यक्तियों को मिलेंगे पट्टे

शिवराज सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए 31 दिसंबर 2020 तक नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर निवासरत गरीबों को आवासीय पट्टे देने का निर्णय लिया है। इसके लिए मध्य प्रदेश नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्ति (पट्टाधृति अधिकारों को प्रदाय किया जाना) अधिनियम 1984 में संशोधन किया जाएगा। अभी तक 31 दिसंबर 2014 तक निवासरत व्यक्तियों को ही पट्टा दिए जाने का प्रविधान था। अवधि बढ़ाने की घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी।

ग्वालियर ग्रामीण बनेगी नई तहसील

ग्वालियर जिले में अभी लश्कर, मुरार और सिटी सेंटर तहसील गठित हैं। नगरीय क्षेत्र के कार्य की अधिकता के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसे देखते ग्वालियर ग्रामीण तहसील का गठन प्रस्तावित किया गया है। इसमें मुरार तहसील के तीन पटवारी हलके, सिटी सेंटर के महलगांव, मेहरा, पुरानी छावनी, बहेड़ापुर और गिरवाई के पटवारी हलके सहित कुल 36 पटवारी हलके शामिल किए जाएंगे

 

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