ग्वालियर /शिक्षाविद व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व संगठनमंत्री प्रोफेसर योगेन्द्र मिश्रा का रात एक बजे के करीब कल्याण हॉस्पिटल एम एल बी कॉलोनी में निधन हो गया।
पिछले कुछ दिनों से एलर्जी के अटैक से वे काफी परेशान थे। शुक्रवार की सुबह जब उनकी तबीयत बिगड़ी तब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां आईसीयू में उपचार के चलते रात 1:00 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। एसएलपी कॉलेज से असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत करने वाले प्रोफ़ेसर डॉक्टर योगेंद्र मिश्रा एमएलबी कॉलेज केआरजी कॉलेज मुरार गर्ल्स कॉलेज 34 साल तक अध्यापन कार्य कराने के बाद सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद से वह लगातार सक्रिय रहे। छात्र जीवन से ही वे छात्र राजनीति से जुड़े रहे इस दौरान वे छात्र संघ के विभिन्न पदों पर रहे। बाद में भी विद्यार्थी परिषद से जुड़े एवं विद्यार्थी परिषद में संगठन मंत्री के रूप में उन्होंने विद्यार्थी परिषद का कार्य काफी बढ़ाया। जब वे कॉलेज में थे उस दौरान आपातकाल के लगने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। वे कई बड़े नेताओं के साथ जेल में रहे। जेल जाने के कारण लगभग 2 साल तक अदालती लड़ाई लड़ने के बाद फिर नौकरी पर आ पाए थे। राजनीतिक विद्वेष के कारण कांग्रेस के शासन काल में उनके स्थानांतरण भी किए गए। 74 साल के प्रोफेसर योगेंद्र मिश्रा को एक कड़क शिक्षक के रूप में भी जाना जाता था। वे सिद्धांतों से समझौता नहीं करते थे। यही कारण था कि एमएलबी कॉलेज में तत्कालीन प्राचार्य के लड़के को उन्होंने नकल करते हुए पकड़ा था। इस कारण उन्हें काफी समय तक परेशान किया जाता रहा लेकिन उन्होंने समझौता नहीं किया था। विभिन्न दायित्व के चलते उन्होंने विवाह नहीं किया। वे पीड़ितों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहते थे यही नहीं वह पशु और पक्षी प्रेमी भी थे। दिन भर के काम करने के बाद जब वे घर लौटे थे तो घर में रहने वाली बिल्लियां उनसे लिपट जाती थी ऐसा ही हाल घर के आसपास रहने वाले कुत्तों का भी था जो उन्हें देखते ही उनके पास दौड़कर चले आते थे। उनका जाना निश्चित रूप से इन सभी के लिए बहुत कष्ट कर रहेगा। प्