भारतीय पहलवान अमन सहरावत ने मेंस फ़्रीस्टाइल 57 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीत लिया है.
इसी के साथ इस ओलंपिक में भारत के लिए पदकों की संख्या छह हो गई है.
कांस्य पदक के लिए ज़रूरी मुक़ाबले में उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी प्यूर्टो रिको के डेरियन टोई क्रूज़ को 13-5 से हराया.
इससे पहले गुरुवार को हुए सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में अमन सहरावत को हार का सामना करना पड़ा था.
सेमीफ़ाइनल में अमन का मुक़ाबला जापान के रेई हिगुची के साथ था.
इस मैच में अमन को 10-0 से हार का सामना करना पड़ा.
अमन ने क्वार्टर फ़ाइनल मुक़ाबले में अल्बानिया के ज़ालिमख़ान अबा करोव को 12-0 से हराकर सेमीफ़ाइनल में जगह बनाई थी.
अमन ने पहले राउंड में पूर्व यूरोपीय चैम्पियन व्लादिमीर एगोरोव को 10-0 से मात दी थी.
इस ओलंपिक में भारत को कुश्ती में अभी तक कोई पदक नहीं मिला था.
महिला कुश्ती में विनेश फोगाट से पदक की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें फ़ाइनल से पहले 100 ग्राम अधिक वज़न के चलते अयोग्य घोषित कर दिया गया था.
21 साल के अमन ने अपने पेरिस ओलंपिक अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए, राउंड ऑफ़ 16 में 2022 के यूरोपीय चैंपियन व्लादिमीर एगारोव को 10-0 से हरा दिया था.
दूसरी जीत, क्वार्टर फ़ाइनल में उन्होंने अल्बानिया की ओर से लड़ रहे 2022 के वर्ल्ड चैंपियन चेचेन पहलवान अबकारोव के मुकाबले में हासिल की थी. उन्होंने अबकारोव को 12-0 से हराया.
अमन ने अपनी पहचान तब बनाई जब भारतीय कुश्ती मुश्किलों के दौर से गुजर रही थी. देश के पहलवान सुशील कुमार को जेल हो गई थी. पिछले साल प्रदर्शनों के चलते लगभग पूरी गतिविधि ठप हो गई थी.
और इसी बीच टोक्यो ओलंपिक के सिल्वर मेडल विजेता रवि दहिया गंभीर रूप से घायल गए थे.
इन परिस्थितियों में पुरुष कुश्ती में अमन सहरावत भारतीय कुश्ती की उम्मीद के रूप में उभरे.
यह भी दिलचस्प है कि भारतीय ओलंपिक खिलाड़ियों में वो सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं, जिन्होंने पेरिस ओलंपिक में पुरुष कुश्ती में भारत की ओर से किसी खिलाड़ी के न जाने की शर्मिंदगी से बचाया.